सौरव दास और आशुतोष रांका केस: जमानत सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट को मिली धमकी, अज्ञात लोगों के खिलाफ NCR दर्ज

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत प्रक्रिया के दौरान एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। सुनवाई कर रहे मजिस्ट्रेट (स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट/SEM) को धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एनसीआर (Non-Cognizable Report) दर्ज कर ली है।

क्या है पूरा मामला?

  1. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और गिरफ्तारी: CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को गत 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नियमों के उल्लंघन के आरोप में न्यायिक हिरासत (तिहाड़ जेल) में भेजा गया था।

  2. सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट को धमकी: रविवार को जब दोनों नेताओं की जमानत प्रक्रिया पर सुनवाई होनी थी, तो मजिस्ट्रेट ने यह हवाला दिया कि उन्हें अज्ञात स्रोतों से धमकियां मिल रही हैं। इस धमकी के सामने आने के बाद सुनवाई के दौरान पूरी चर्चा और कार्यवाही इसी सुरक्षा और धमकी के इर्द-गिर्द घूमती रही।

  3. CJP के आरोप और पुलिस का पक्ष:

    • CJP की लीगल टीम का आरोप: सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर जमानत प्रक्रिया में देरी कर रही है और सुनवाई को टालने के लिए धमकी के मामले को आधार बनाया गया। उन्होंने कहा कि वे लोग सुबह से थाने में मौजूद थे, लेकिन कार्यवाही में लगातार विलंब किया गया।

    • पुलिस का पक्ष: वहीं, दिल्ली पुलिस ने देरी के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और कुछ तकनीकी कारणों या गलत जमानत बॉन्ड जमा होने के चलते औपचारिकताएं पूरी होने में समय लगा। पुलिस का कहना है कि मजिस्ट्रेट को मिली धमकी के मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

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