उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में हर साल अतिवृष्टि और मानसून के दौरान होने वाले भीषण जलभराव व बाढ़ की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। राज्य सरकार ने फैजुल्लागंज और आसपास की बड़ी आबादी को राहत देने के लिए एक महात्वाकांक्षी परियोजना की योजना तैयार की है। रक्षा मंत्री व लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस मास्टर प्लान पर मुहर लगाई गई।
गोमती नदी के किनारे 5.5 किमी लंबा तटबंध और 12 पंपिंग स्टेशन
बैठक में तय किया गया कि फैजुल्लागंज में भविष्य में जलभराव रोकने के लिए ठोस बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा:
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5.5 किलोमीटर लंबा तटबंध (Embankment): गोमती नदी के बाएं तट पर आईआईएम (IIM) रोड से लेकर ऐतिहासिक पक्कापुल तक लगभग 5.5 किमी लंबे पक्के तटबंध का निर्माण कराया जाएगा।
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12 नए आधुनिक पंपिंग स्टेशन: गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने पर नालों का पानी वापस शहर की तरफ (Backflow) मारने लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए 12 नए हाई-कैपेसिटी पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जो जलभराव के दौरान लगातार पानी बाहर खींचेंगे।
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ड्रैनेज नेटवर्क का विस्तार: न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक एक नया और विस्तृत ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा जिससे बारिश का पानी आसानी से निकल सके।
रक्षामंत्री और मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक
सिंचाई, नगर विकास, आवास, स्वास्थ्य, राजस्व और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्थानीय विधायक डॉ. नीरज बोरा और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल भी शामिल हुईं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन स्थायी निर्माण परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि लखनऊ वासियों को आने वाले वर्षों में बाढ़ की विभीषिका से न जूझना पड़े।
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