रेगिस्तान में बसने वाला 500 अरब डॉलर का सपना क्यों अटक गया? मोहम्मद बिन सलमान की मेगा सिटी योजना पर उठने लगे सवाल

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman का दुनिया का सबसे महत्वाकांक्षी शहरी प्रोजेक्ट अब गंभीर चुनौतियों में घिरता दिखाई दे रहा है। रेगिस्तान के बीचोंबीच 170 किलोमीटर लंबी भविष्यवादी शहर बसाने का सपना दिखाने वाला NEOM प्रोजेक्ट अब धीमी रफ्तार, बढ़ती लागत और आर्थिक दबावों के कारण चर्चा में आ गया है। माना जा रहा है कि सऊदी अरब के अंधाधुंध खर्च और मेगा प्रोजेक्ट्स के दौर पर अब ब्रेक लगने लगा है।

क्या है NEOM का ‘The Line’ प्रोजेक्ट?

सऊदी अरब ने साल 2021 में NEOM के तहत ‘The Line’ नामक एक अल्ट्रा मॉडर्न शहर बनाने की घोषणा की थी। यह शहर 170 किलोमीटर लंबी सीधी लाइन के रूप में बनाया जाना था, जिसकी दोनों तरफ शीशे की विशाल दीवारें होतीं। दावा किया गया था कि यहां बिना कार, बिना प्रदूषण और पूरी तरह AI आधारित जीवनशैली विकसित की जाएगी।

इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 500 अरब डॉलर बताई गई थी। इसे दुनिया का सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत शहर बनाने की योजना थी, जहां लाखों लोग रह सकें।

आर्थिक दबावों ने बढ़ाई मुश्किलें

अब रिपोर्ट्स में सामने आ रहा है कि सऊदी अरब को इस प्रोजेक्ट को लेकर भारी आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लगातार बढ़ते खर्चों ने सरकार की योजनाओं को प्रभावित किया है। बताया जा रहा है कि प्रोजेक्ट की गति धीमी कर दी गई है और इसके कई हिस्सों को दोबारा समीक्षा के दायरे में रखा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी विशाल परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करना बेहद कठिन साबित हो रहा है। निर्माण लागत, तकनीकी चुनौतियां और निवेशकों की चिंताओं ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल था सपना

NEOM को केवल एक शहर नहीं बल्कि भविष्य की नई सभ्यता के रूप में पेश किया गया था। सऊदी अरब इसे अपनी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से बाहर निकालने की रणनीति का अहम हिस्सा मानता रहा है। इसके जरिए पर्यटन, तकनीक और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही थी।

हालांकि अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इतना बड़ा और महंगा सपना व्यवहारिक रूप से संभव है या नहीं। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने भी प्रोजेक्ट की व्यवहारिकता पर चिंता जताई है।

मोहम्मद बिन सलमान की महत्वाकांक्षा को झटका?

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने NEOM को अपने ‘Vision 2030’ कार्यक्रम का सबसे बड़ा प्रतीक बनाया था। इसका उद्देश्य सऊदी अरब की वैश्विक छवि बदलना और देश को आधुनिक आर्थिक ताकत के रूप में स्थापित करना था। लेकिन मौजूदा हालात इस महत्वाकांक्षी योजना के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं।अगर परियोजना की रफ्तार इसी तरह धीमी रही तो यह सऊदी अरब की आर्थिक रणनीति और वैश्विक निवेशकों के भरोसे पर भी असर डाल सकती है।

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