शेयर बाजार में लौटी तूफानी तेजी, निवेशकों की झोली में आए ₹6 लाख करोड़, सेंसेक्स 1000 अंक उछला

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। घरेलू और वैश्विक संकेतों के दम पर बाजार ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹6 लाख करोड़ का इजाफा हो गया। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1000 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी मजबूती के साथ महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी है।

बैंकिंग और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार को ऊपर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाई। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और मजबूत ग्लोबल संकेतों ने बाजार के माहौल को पूरी तरह सकारात्मक बना दिया।

आखिर क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी तेजी?

विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में आई इस शानदार तेजी के पीछे कई बड़े कारण रहे। सबसे पहला कारण वैश्विक बाजारों में मजबूती रहा। अमेरिका और एशियाई बाजारों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।

दूसरी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। क्रूड ऑयल सस्ता होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती ने भी बाजार को सपोर्ट दिया।

चुनावी और आर्थिक संकेतों का भी मिला फायदा

विश्लेषकों का कहना है कि देश में राजनीतिक स्थिरता और मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने भी बाजार को मजबूती दी है। जीडीपी ग्रोथ को लेकर सकारात्मक अनुमान और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा ब्याज दरों में स्थिरता की उम्मीद ने भी बाजार का सेंटीमेंट मजबूत रखा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चमक

सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। कई छोटे और मझोले शेयरों में 5 से 12 प्रतिशत तक उछाल देखने को मिला। इससे रिटेल निवेशकों को भी बड़ा फायदा हुआ।

निवेशकों के लिए क्या है आगे का संकेत?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विदेशी निवेश जारी रहता है और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

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