अमेरिका में मिड-टर्म इलेक्शन की वोटिंग शुरू: गिरती रेटिंग और इन तीन बड़े मुद्दों से घिरे हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

संयुक्त राज्य अमेरिका में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है, क्योंकि देश में बहुप्रतीक्षित मिड-टर्म इलेक्शन (US Midterm Elections 2026) के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन चुनावों में अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा – House of Representatives) की सभी 435 सीटों और उच्च सदन (सीनेट – Senate) की एक तिहाई सीटों पर जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रही है। व्हाइट हाउस में वापसी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशासन के लिए इस चुनाव को उनके नेतृत्व और नीतियों पर बड़ा जनमत संग्रह (Referendum) माना जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप के लिए क्यों अहम है यह चुनाव?

अमेरिकी राजनीतिक परंपरा के मुताबिक, मिड-टर्म चुनाव अमूमन मौजूदा राष्ट्रपति की लोकप्रियता और उनकी पार्टी के कामकाज की परीक्षा होते हैं। इस समय ट्रंप प्रशासन के सामने कई बड़ी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां खड़ी हैं:

  • संसद में बहुमत बनाए रखने की चुनौती: रिपब्लिकन पार्टी के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बचाए रखना या मजबूत करना एक बड़ी अग्निपरीक्षा बना हुआ है, क्योंकि डेमोक्रेट्स इस चुनाव के जरिए संसद में वापसी की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

  • गिरती अप्रूवल रेटिंग: हालिया ओपिनियन पोल और सर्वे बताते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में कुछ गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पार्टी के भीतर भी रणनीतिक चिंताएं बढ़ गई हैं।

इन तीन बड़े मुद्दों पर घिरे हैं डोनाल्ड ट्रंप

इस मिड-टर्म चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान मतदाता मुख्य रूप से तीन गंभीर समस्याओं और मुद्दों को लेकर ट्रंप प्रशासन से सवाल पूछते नजर आए:

  1. महंगाई और अर्थव्यवस्था (Inflation & Economy): आम अमेरिकी नागरिक इस समय बढ़ती कीमतों और जीवनयापन के ऊंचे खर्च (Cost of Living) से खासा परेशान हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है और अर्थव्यवस्था को संभालने में प्रशासन की नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रही है।

  2. आप्रवासन और सीमा सुरक्षा (Immigration & Border Security): हालांकि ट्रंप प्रशासन ने अवैध अप्रवासियों को रोकने और सीमाओं को कड़ा करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन इस नीति के सामाजिक और मानवीय पहलू को लेकर देश में तीखी बहस छिड़ी हुई है। मतदाताओं का एक वर्ग इसे लेकर बंटा हुआ है।

  3. विदेश नीति और वैश्विक तनाव (Foreign Policy & Geopolitical Tensions): हाल ही में आर्कटिक क्षेत्र (जैसे ग्रीनलैंड सुरक्षा समझौता) और अन्य अंतरराष्ट्रीय मोर्चों पर ट्रंप की आक्रामक रणनीतियों के कारण वैश्विक स्तर पर जो हलचल मची है, उसका असर भी घरेलू अमेरिकी राजनीति और मतदाताओं की सोच पर साफ दिखाई दे रहा है।

इन चुनावों के शुरुआती रुझान और परिणाम आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति की दिशा और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के समीकरणों को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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