बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के मामले में अभिनेता इमरान खान (Imran Khan) को जमकर फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़े शब्दों में टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि किसी भारतीय नागरिक ने अमेरिका या किसी अन्य विदेशी धरती पर जाकर इस तरह का विरोध प्रदर्शन किया होता, तो वहां का प्रशासन उसे अगली ही फ्लाइट से डिपोर्ट (देश से बाहर) कर देता।
अदालत की सख्त टिप्पणी और इमरान खान की माफी
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अदालत का सवाल और फटकार: न्यायमूर्ति की पीठ ने सुनवाई के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था और कानून के अनुपालन का हवाला देते हुए कहा कि विरोध के अधिकार की भी अपनी सीमाएं और कानून-सम्मत प्रक्रियाएं होती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति या प्रसिद्ध हस्ती को कानून हाथ में लेने या बिना अनुमति अव्यवस्था फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
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इमरान खान ने मांगी लिखित माफी: बॉम्बे हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणियों और सख्त रुख के बाद अभिनेता इमरान खान ने अदालत के सामने बिना शर्त लिखित माफीनामा (Unconditional Written Apology) पेश किया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया के विरोध में हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप था कि इस प्रदर्शन के दौरान तय नियमों और प्रशासनिक अनुमतियों का उल्लंघन किया गया था, जिसके बाद यह मामला कानूनी कार्रवाई के तहत बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा।
अदालत ने अभिनेता की माफी याचिका को रिकॉर्ड पर लेते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने और कानून का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी है।
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