बिना बिजली और बर्फ के 30 दिन तक ताजी रहेंगी सब्जियां! IIT इंजीनियर भाई-बहन ने बनाया देसी ‘Sabjikothi’ फ्रिज

भारत में बढ़ती गर्मी और महंगे बिजली बिल के बीच एक ऐसा अनोखा डिवाइस सामने आया है, जो बिना पारंपरिक फ्रिज के भी सब्जियों और फलों को लंबे समय तक ताजा रखने का दावा करता है। बिहार के भागलपुर के रहने वाले IIT ग्रेजुएट निक्की कुमार झा और उनकी बहन रश्मि झा ने मिलकर ‘Sabjikothi’ नाम का एक खास डिवाइस तैयार किया है। यह डिवाइस बेहद कम बिजली और सिर्फ एक लीटर पानी की मदद से सब्जियों को करीब 30 दिनों तक फ्रेश रखने में सक्षम बताया जा रहा है।

गांवों और किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकता है Sabjikothi

देश के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी लगातार बिजली की समस्या बनी रहती है। ऐसे में फल और सब्जियां जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे किसानों और छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया Sabjikothi पारंपरिक फ्रिज का किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बनकर उभरा है।

इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत नहीं पड़ती। बताया जा रहा है कि यह स्मार्टफोन चार्ज करने जितनी बिजली में काम कर सकता है। इतना ही नहीं, इसे आसानी से सोलर पैनल से भी चलाया जा सकता है, जिससे बिजली खर्च लगभग नगण्य हो जाता है।

कैसे काम करता है यह अनोखा फ्रिज?

Sabjikothi एक खास कूलिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित डिवाइस है। इसमें नियंत्रित तापमान और नमी का संतुलन बनाए रखा जाता है, जिससे सब्जियों और फलों की ताजगी लंबे समय तक बरकरार रहती है। सामान्य तौर पर जहां बिना फ्रिज के सब्जियां कुछ दिनों में खराब होने लगती हैं, वहीं यह डिवाइस उनकी शेल्फ लाइफ कई गुना तक बढ़ा देता है।

इस तकनीक का मकसद सिर्फ घरेलू इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, सब्जी विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों को भी राहत पहुंचाना है, ताकि उनकी उपज जल्दी खराब न हो और उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सके।

बिजली की बचत के साथ पर्यावरण को भी फायदा

पारंपरिक रेफ्रिजरेटर लगातार बिजली की खपत करते हैं, जबकि Sabjikothi बेहद कम ऊर्जा में काम करता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिल सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां बिजली की उपलब्धता सीमित है, वहां यह डिवाइस गेम चेंजर साबित हो सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में इस तरह की लो-एनर्जी टेक्नोलॉजी भारत जैसे देशों में फूड वेस्टेज कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

स्टार्टअप और इनोवेशन की दुनिया में बढ़ रही चर्चा

IIT से पढ़ाई करने वाले निक्की कुमार झा और रश्मि झा का यह इनोवेशन अब तेजी से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस देसी टेक्नोलॉजी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोग इसे ग्रामीण भारत के लिए भविष्य की जरूरत बता रहे हैं।अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर अपनाई जाती है, तो इससे लाखों किसानों और छोटे दुकानदारों को आर्थिक फायदा मिल सकता है। साथ ही, बिना ज्यादा बिजली खर्च किए खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी संभव हो सकेगा।

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