US-Iran War: ईरान ने अमेरिका को भेजा बड़ा प्रस्ताव, होर्मुज स्ट्रेट खोलने की पेशकश; ट्रंप प्रशासन की सैन्य तैयारी तेज

तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ जारी टकराव को खत्म करने के लिए नया प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में तेहरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी तौर पर खोलने का संकेत दिया है। हालांकि, इसके बदले ईरान ने अमेरिका के सामने कई सख्त शर्तें भी रखी हैं। दूसरी ओर, रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की बजाय और गहराने की आशंका भी बढ़ गई है।

मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया प्रस्ताव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यह प्रस्ताव सीधे अमेरिका को नहीं बल्कि मध्यस्थ देशों और कूटनीतिक चैनलों के जरिए पहुंचाया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी में कहा गया है कि तेहरान मौजूदा संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है। इसी उद्देश्य से एक ड्राफ्ट समझौता तैयार किया गया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं।

होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले रखीं तीन बड़ी शर्तें

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का फैसला अमेरिका के रवैये पर निर्भर करेगा। तेहरान ने समझौते के लिए तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं।

पहली शर्त के तहत अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी समाप्त करनी होगी। दूसरी शर्त में ईरान की विदेशों में जब्त अरबों डॉलर की संपत्तियों को रिलीज करने की मांग की गई है। वहीं तीसरी शर्त में युद्ध और प्रतिबंधों से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की व्यवस्था करने की बात कही गई है।

जंग खत्म होने के बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर होगी बातचीत

ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान की प्राथमिकता पहले युद्ध और सैन्य तनाव को पूरी तरह खत्म करना है। ईरान का मानना है कि स्थायी युद्धविराम और भरोसेमंद समझौते के बिना परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी तरह की बातचीत का कोई मतलब नहीं है। इसलिए ईरान चाहता है कि पहले दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने पर सहमति बने, उसके बाद ही परमाणु मुद्दे पर औपचारिक वार्ता शुरू की जाए।

ट्रंप प्रशासन के रुख को लेकर बना हुआ है संशय

ईरान की ओर से बातचीत का संकेत मिलने के बावजूद अमेरिकी पक्ष से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के भीतर ईरान को लेकर अलग-अलग राय मौजूद हैं। एक तरफ युद्ध खत्म करने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सैन्य विकल्पों पर भी तेजी से काम हो रहा है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हुई है।

वैश्विक बाजार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है असर

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है या जलडमरूमध्य को लेकर कोई बड़ा फैसला होता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, एशियाई अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है।

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