UP News: उत्तर प्रदेश में निरक्षरता को खत्म करने की दिशा में योगी सरकार का अभियान लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2022-23 से लेकर 2025-26 तक 11.68 लाख से अधिक असाक्षर लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है। अब इस अभियान को वर्ष 2026 में भी जारी रखने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि शिक्षा के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम से बदली लाखों लोगों की जिंदगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा का नया अध्याय लिख रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोगों को साक्षर बनाना है, जो अब तक पढ़ने-लिखने की मूलभूत क्षमता से वंचित रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में लाखों लोगों को पढ़ना, लिखना और गणना करना सिखाया गया है। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता बढ़ी है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी भी मजबूत हुई है।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर चला रहे अभियान
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना है, जिसे उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। अभियान के तहत पहले असाक्षर नागरिकों की पहचान की जाती है, फिर उन्हें प्रशिक्षित वालंटियर्स और मास्टर ट्रेनर्स की मदद से साक्षर बनाया जाता है।
इस कार्यक्रम में लाभार्थियों को केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं दिया जाता, बल्कि दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी जानकारी, संख्यात्मक ज्ञान और व्यवहारिक शिक्षा भी प्रदान की जाती है। इससे वे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सामाजिक गतिविधियों से बेहतर तरीके से जुड़ पा रहे हैं।
घर-घर पहुंच रही शिक्षा की रोशनी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बड़ी संख्या में वालंटियर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके बाद वे गांवों और मोहल्लों में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन माध्यम से साक्षरता कक्षाओं का संचालन करते हैं।
सरकार का दावा है कि यह मॉडल शिक्षा को घर-घर पहुंचाने में कारगर साबित हो रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहली बार पढ़ना और लिखना सीखा है।
आत्मनिर्भर और जागरूक समाज की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि साक्षरता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह सामाजिक सशक्तीकरण और आर्थिक प्रगति की भी आधारशिला है। ऐसे में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम प्रदेश में आत्मनिर्भरता, जागरूकता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर उत्तर प्रदेश को निरक्षरता मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। वर्ष 2026 में भी अभियान जारी रहने से लाखों नए लाभार्थियों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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