उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के अपने दावे को दोहराते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गुरुवार को 481 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अब प्रदेश में नौकरी पाने के लिए न किसी सिफारिश की जरूरत है और न ही भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश बची है। सरकार की प्राथमिकता केवल योग्यता और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया है।
तीन विभागों के अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में आयुष विभाग, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए चयनित 481 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘मिशन रोजगार’ अभियान के तहत लगातार रोजगार और सरकारी नियुक्तियों को गति दे रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा चुकी है और पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
‘2017 से पहले यूपी की पहचान अलग थी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की छवि देश और दुनिया में अलग तरह की थी। लोग यूपी का नाम सुनते ही संदेह की नजर से देखते थे और दूरी बना लेते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश ने कानून व्यवस्था, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं के मन में अविश्वास रहता था, लेकिन अब चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित और डिजिटल निगरानी से संचालित हो रही है। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर मिल रहा है।
‘परीक्षा के बाद भी नहीं रही सिफारिश की गुंजाइश’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को इस तरह तैयार किया है कि परीक्षा के बाद भी किसी स्तर पर अनैतिक हस्तक्षेप या सिफारिश की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि साफ नीयत और स्पष्ट नीति के कारण ही चयनित अभ्यर्थियों को बिना किसी दबाव और भेदभाव के नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से अपेक्षा जताई कि वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और प्रदेश के विकास में भागीदार बनें।
रोजगार और पारदर्शिता पर सरकार का फोकस
प्रदेश सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल मूल्यांकन और निष्पक्ष चयन प्रणाली के जरिए भर्ती प्रक्रिया को तेज और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं का भरोसा बढ़ा है और सरकारी सेवाओं में योग्य उम्मीदवारों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है।
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