
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिल रही है। इस बीच टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी लगातार अपने राजनीतिक विचारों को खुलकर सामने रख रही हैं। ममता बनर्जी की हार के बाद उन्होंने जिस तरह के बयान दिए हैं, उन्होंने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
ममता बनर्जी की हार पर देवोलीना का तीखा रिएक्शन
चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी को मिली हार पर देवोलीना ने सोशल मीडिया पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि उन्होंने किसी राजनेता से सबसे ज्यादा नफरत की है, तो वह ममता बनर्जी हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ नया विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू के 2012 के एक बयान का उल्लेख किया गया था। उस बयान में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि 90 प्रतिशत भारतीयों में समझ की कमी होती है। इसी पोस्ट के जरिए एक यूजर ने भारत की राजनीतिक सोच पर टिप्पणी की थी, जिसने माहौल और गरमा दिया।
राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी से बढ़ा तनाव
पोस्ट में यह भी लिखा गया था कि भारत में कुछ लोग राहुल गांधी की आलोचना करते हैं और नरेंद्र मोदी को एक अलग स्तर पर देखते हैं। इसी तुलना को लेकर भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
देवोलीना का जवाब और देशभक्ति पर बयान
इस पोस्ट के जवाब में देवोलीना भट्टाचार्जी ने लंबा संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी देश से प्यार करने के लिए किसी विशेष डिग्री की जरूरत नहीं होती, बल्कि असली पहचान देशभक्ति होती है। उन्होंने यह भी लिखा कि यदि कोई व्यक्ति उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी अपने ही देश की लगातार आलोचना करता है और उसे नीचा दिखाता है, तो उसकी शिक्षा का कोई मतलब नहीं रह जाता।उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे समर्थन दे रहे हैं तो कुछ आलोचना कर रहे हैं।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया