UP Cabinet Decisions: योगी सरकार का किसानों और शहरों के लिए बड़ा तोहफा; ₹2585 हुआ गेहूं का MSP, 58 शहर बनेंगे ‘स्मार्ट’

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देने वाले 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु किसान, ऊर्जा और शहरी बुनियादी ढांचा रहा। सरकार ने न केवल गेहूं की सरकारी खरीद के लिए नई नीति स्पष्ट की, बल्कि छोटे शहरों को महानगरों की तर्ज पर विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को भी हरी झंडी दी।


किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: गेहूं MSP में ₹160 की बढ़ोतरी

कैबिनेट ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। इस बार किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं:

  • नया समर्थन मूल्य (MSP): गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 अधिक है।

  • अतिरिक्त लाभ: किसानों को छनाई, सफाई और उतराई के लिए ₹20 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा।

  • खरीद का लक्ष्य और समय: मुख्यमंत्री ने खरीद का लक्ष्य 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। गेहूं की खरीद 30 मार्च से 15 जून 2026 तक चलेगी।

  • पारदर्शिता: बिचौलियों को खत्म करने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर किया जाएगा। प्रदेश के 75 जिलों में कुल 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

‘नवयुग पालिका योजना’: अब छोटे शहर भी बनेंगे स्मार्ट

योगी कैबिनेट ने प्रदेश के संतुलित शहरी विकास के लिए “नवयुग पालिका योजना” को मंजूरी दी है।

  • लक्ष्य: स्मार्ट सिटी मिशन से अछूते उन 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना, जहां अभी नगर निगम नहीं हैं।

  • बजट: इस योजना पर अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) में कुल ₹2,916 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

  • सुविधाएं: इन शहरों में डिजिटल गवर्नेंस, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, बुनियादी ढांचा विकास, विरासत संरक्षण और ‘वन डे गवर्नेंस सेंटर’ जैसे स्मार्ट समाधान लागू किए जाएंगे।

ऊर्जा क्षेत्र: सोलर पावर और कोयला खदान विकास

उत्तर प्रदेश को ‘ऊर्जा हब’ बनाने की दिशा में भी कई बड़े फैसले लिए गए:

  • फ्लोटिंग सोलर प्लांट: अयोध्या के बाद अब गोरखपुर को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत गोरखपुर के चिलुआ ताल में 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने को मंजूरी दी गई है।

  • कोयला खदान विकास: घाटमपुर थर्मल पावर प्लांट के लिए झारखंड स्थित पचवारा दक्षिण कोयला ब्लॉक के विकास हेतु ₹2242.90 करोड़ की संशोधित राशि स्वीकृत की गई है। इससे बिजली उत्पादन की लागत में करीब 80 पैसे प्रति यूनिट की कमी आने की उम्मीद है।

अन्य प्रमुख फैसले

  • भूमि सुधार: उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 में संशोधन के जरिए कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग (Land-use conversion) में बदलने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब बिल्डिंग प्लान पास होने पर लैंड-यूज़ चेंज स्वतः मान्य माना जाएगा।

  • पर्यटन: लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों जैसे छतर मंजिल और रोशन-उद-दौला कोठी को पीपीपी (PPP) मॉडल पर पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा।

  • बिजनेस पार्क: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए ‘प्राइवेट बिजनेस पार्क स्कीम-2025’ को मंजूरी दी गई है।

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