
फ्रांस के मशहूर लालिक म्यूजियम में 40 करोड़ रुपये की बड़ी चोरी
फ्रांस के प्रसिद्ध लालिक म्यूजियम (Lalique Museum) में रविवार तड़के हुई एक बड़ी चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार करीब 40 लाख यूरो (लगभग 40 करोड़ रुपये) मूल्य की दुर्लभ क्रिस्टल ज्वेलरी चोरी कर ली गई। यह वारदात जर्मनी की सीमा के पास स्थित विंगन-सुर-मोडेर (Wingen-sur-Moder) कस्बे में हुई।
सुबह 5:30 बजे नकाबपोश बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 5:30 बजे कई नकाबपोश बदमाश संग्रहालय का मुख्य प्रवेश द्वार तोड़कर अंदर दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने संग्रहालय में रखे छह डिस्प्ले केस तोड़ दिए और वहां प्रदर्शित करीब 20 दुर्लभ क्रिस्टल आभूषण अपने साथ लेकर फरार हो गए। पूरी घटना बेहद कम समय में अंजाम दी गई।
चोरी हुए आभूषणों को बेचना आसान नहीं
जानकारी के अनुसार चोरी किए गए सभी आभूषण क्रिस्टल से तैयार किए गए थे और उनमें कोई कीमती रत्न जड़े नहीं थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कलाकृतियों को बाजार में दोबारा बेचना या पिघलाकर आर्थिक लाभ हासिल करना आसान नहीं होगा, क्योंकि इनकी असली पहचान उनकी कलात्मक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी हुई है।
2011 में शुरू हुआ था लालिक म्यूजियम
लालिक म्यूजियम की स्थापना वर्ष 2011 में की गई थी। यह संग्रहालय विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों की उत्कृष्ट कलाकृतियों को समर्पित है। यहां 650 से अधिक आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला की दुर्लभ कृतियां प्रदर्शित की जाती हैं। चोरी की घटना के बाद संग्रहालय को अस्थायी रूप से आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।
पहले भी फ्रांस के संग्रहालय रहे हैं चोरों के निशाने पर
यह पहली बार नहीं है जब फ्रांस के किसी प्रतिष्ठित संग्रहालय में बड़ी चोरी हुई हो। पिछले वर्ष अक्टूबर में पेरिस के लूव्र म्यूजियम से फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स से जुड़े आठ दुर्लभ आभूषण चोरी हो गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत 8.8 करोड़ यूरो बताई गई थी।
इसी अवधि में डेनिस डिडेरो हाउस ऑफ एनलाइटनमेंट से करीब 2,000 दुर्लभ सिक्के भी चोरी हुए थे। वहीं नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से लगभग 15 लाख यूरो मूल्य के छह दुर्लभ सोने के नगेट गायब होने की घटना भी सामने आई थी।
श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में हिंसक झड़प, 19 लोगों की मौत
उधर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बाहरी क्षेत्र स्थित नेगोम्बो जेल में हुई हिंसक झड़प में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में चार जेलकर्मी और 15 कैदी शामिल बताए गए हैं।
नेगोम्बो अस्पताल की निदेशक पुष्पा गमलाथ ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि अस्पताल में चार जेलकर्मियों और 15 कैदियों के शव लाए गए हैं। पुलिस और स्थानीय मीडिया के अनुसार रविवार को शुरू हुई हिंसा सोमवार तक जारी रही। हालांकि श्रीलंका पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए फिलहाल हिंसा के कारणों का खुलासा नहीं किया है।
ब्रिटेन ने विदेशी राजनीतिक फंडिंग पर और कड़े किए नियम
ब्रिटेन सरकार ने विदेशी राजनीतिक चंदे को लेकर अपने नियम और अधिक सख्त कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को विदेशी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखना और राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
नए नियमों के तहत अब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उम्मीदवार घोषित होने से पहले मिले 2,230 पाउंड से अधिक के प्रत्येक चंदे का पूरा विवरण देना होगा। साथ ही उन्हें यह भी साबित करना होगा कि धनराशि वैध स्रोतों से प्राप्त हुई है।
सरकार के मुताबिक अब विदेश से आकर ब्रिटेन में बसे लोग एक लाख पाउंड या उससे अधिक का राजनीतिक चंदा तभी दे सकेंगे, जब वे कम से कम एक वर्ष तक स्थायी रूप से ब्रिटेन में रह चुके हों। इसके अलावा कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले राजनीतिक चंदे का आकलन अब उनके वास्तविक कर-पश्चात मुनाफे के आधार पर किया जाएगा।
चीन में लोगो विवाद, मॉली टी के खिलाफ लुई वितों के पक्ष में फैसला
उधर चीन में लोगो विवाद से जुड़े एक अहम मामले में अदालत ने लग्जरी फैशन ब्रांड लुई वितों (Louis Vuitton) के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने मॉली टी (Molly Tea) को करीब 15 लाख डॉलर हर्जाना देने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आदेश दिया है। यह फैसला ट्रेडमार्क और बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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