नोएडा/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। साइबर क्राइम पुलिस ने आजमगढ़ से दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो हूबहू यूपी बोर्ड जैसी वेबसाइट बनाकर भोले-भाले छात्रों और अभिभावकों को ठग रहे थे। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी अब तक करीब 7000 फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बेच चुके हैं।
आजमगढ़ से दबोचे गए ‘राजन’ और ‘मनीष’, बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
साइबर क्राइम थाने की टीम ने लंबे समय से चल रही छानबीन के बाद शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा और मनीष कुमार राय को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी आजमगढ़ के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 338 समेत आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं (66D, 74, 84C) में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
‘श्री एजुकेशन’ के नाम से चल रहा था हाईटेक कॉल सेंटर
डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने ‘श्री एजुकेशन’ के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर खोल रखा था। यहीं से पूरा नेटवर्क संचालित होता था। गिरोह फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘मार्कशीट में नंबर बढ़वाने’ और ‘बैकडेटेड डिग्री’ दिलाने का लुभावना विज्ञापन डालता था। विज्ञापन देखकर जब लोग इनसे संपर्क करते, तो ये जालसाज उन्हें अपने जाल में फंसा लेते थे।
मुहर, होलोग्राम और फर्जी डिग्री का ‘सॉफ्टवेयर’ खेल
पूछताछ में पता चला कि मास्टरमाइंड शशि प्रकाश राय साल 2014 से इस काले धंधे में शामिल है। ये लोग विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के फर्जी होलोग्राम, मुहर और मार्कशीट का प्रोफार्मा खुद ही तैयार करते थे। कंप्यूटर एडिटिंग के जरिए बैकडेटेड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और यूनिवर्सिटी की डिग्रियां बनाई जाती थीं। काम पूरा होने के बाद 4 से 5 हजार रुपये लेकर ये फर्जी दस्तावेज कोरियर के जरिए सीधे ग्राहक के घर भेज दिए जाते थे।
पुलिस बरामदगी: 1000 होलोग्राम और 217 फर्जी अंकपत्र बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। बरामद सामान में 10 एंड्रॉइड मोबाइल, 42 विभिन्न यूनिवर्सिटी की फर्जी मुहर, 1000 होलोग्राम, 6 मॉनिटर, सीपीयू और 217 तैयार फर्जी मार्कशीट शामिल हैं। डीसीपी के मुताबिक, अब उन 7000 लोगों की भी कुंडली खंगाली जा रही है जिन्होंने इन जालसाजों से फर्जी डिग्रियां खरीदी हैं।
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