Israel Knesset में गूंजा ‘भारत-इजरायल दोस्ती’ का स्वर: PM Modi को मिला ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’, बोले- आतंक के खिलाफ साथ खड़े रहेंगे

मध्य पूर्व की कूटनीतिक हलचलों के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा वैश्विक मंच पर नई चर्चा का केंद्र बन गया है। दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत हुआ और इजरायल की संसद में उन्हें सर्वोच्च संसदीय सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से नवाजा गया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक रिश्तों की नई पहचान माना जा रहा है।

बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत, दोस्ती की गर्मजोशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर इजरायली समयानुसार 12:45 बजे Ben Gurion International Airport पहुंचे। यहां स्वयं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने उनका स्वागत किया। यह प्रधानमंत्री मोदी का दूसरा इजरायल दौरा है, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात इजरायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी तय है।

नेसेट में सम्मान, सबसे बड़ा संसदीय मेडल

इजरायल की संसद Knesset में प्रधानमंत्री मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। यह नेसेट का सर्वोच्च सम्मान है, जो विश्व के चुनिंदा नेताओं को ही दिया जाता है। यह सम्मान भारत-इजरायल सामरिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।

नेसेट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते साझा मूल्यों, नवाचार और लोकतांत्रिक परंपराओं पर आधारित हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है।

नेतन्याहू बोले- आप दोस्त से बढ़कर, भाई हैं

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की जमकर सराहना की। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद इजरायल के समर्थन के लिए भारत का आभार जताया। नेतन्याहू ने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्राध्यक्षों का नेसेट आना हमेशा विशेष होता है, लेकिन “नरेंद्र, आप इजरायल के लिए दोस्त से बढ़कर हैं, आप एक भाई हैं।”

यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ती सामरिक और भावनात्मक निकटता को दर्शाता है।

रणनीतिक साझेदारी पर गहन मंथन

दोनों देशों के नेताओं के बीच रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, जल प्रबंधन, नवाचार, व्यापार और अर्थव्यवस्था जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श की उम्मीद जताई गई है। भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी वार्ता जारी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने कई महत्वपूर्ण व्यापार समझौते किए हैं और आर्थिक सुधारों की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

यहूदी समुदाय का जिक्र, साझा इतिहास को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में यहूदी समुदाय सदियों से बिना किसी भेदभाव के शांति से रह रहा है और उसने भारतीय समाज में पूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में शहीद हुए 4,000 से अधिक भारतीय सैनिकों को भी याद किया और जोधपुर लांसर्स के मेजर ठाकुर दलपत सिंह के शौर्य का उल्लेख किया।

मिडिल ईस्ट में भारत की भूमिका पर बयान

इजरायल की विदेश मामलों की उप मंत्री शैरेन हास्केल ने भारत को मध्य पूर्व में स्थिरता और शांति के लिए महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उनका कहना है कि भारत, इजरायल और अमेरिका के बीच रणनीतिक तालमेल क्षेत्र में संतुलन और विकास ला सकता है।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रधानमंत्री मोदी से फिलिस्तीन के मुद्दे को उठाने की अपील की है। उन्होंने गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते हुए उम्मीद जताई कि भारत क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती वैश्विक राजनीति में नई दिशा तय कर सकती है।

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