
हिंदू धर्म में सीता नवमी का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है। ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु जानना चाहते हैं कि सीता नवमी 2026 में कब है, पूजा का सही समय क्या है और पूजा विधि कैसे करें।
कब है सीता नवमी 2026? जानें सही तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, सीता नवमी वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में यह पर्व 26 अप्रैल 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से माता सीता की पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है।
शुभ मुहूर्त का समय
सीता नवमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष नवमी तिथि का आरंभ सुबह से ही रहेगा, इसलिए दिनभर पूजा का उत्तम समय रहेगा। विशेष रूप से मध्याह्न काल में पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इसी समय माता सीता का जन्म हुआ था।
सीता नवमी पूजा विधि
सीता नवमी के दिन प्रातःकाल स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थान को शुद्ध कर माता सीता और भगवान श्रीराम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद दीप जलाएं और गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
माता सीता को पीले या लाल वस्त्र अर्पित करें और फल, फूल, मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद रामायण या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है। अंत में आरती कर प्रसाद वितरण करें।
व्रत रखने का महत्व
सीता नवमी का व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। खासतौर पर महिलाएं इस व्रत को पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
सीता नवमी का धार्मिक महत्व
माता सीता को त्याग, तपस्या और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में धैर्य और सहनशीलता आती है। साथ ही यह पर्व हमें मर्यादा और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
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