
उत्तर प्रदेश सरकार ने समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों में शामिल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। राज्य में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले और ईंट-भट्टों पर काम करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए 1 मई से विशेष अभियान चलाया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकारी स्तर पर शुरू होने वाले इस अभियान का फोकस उन बच्चों पर होगा जो गरीबी, बाल श्रम और संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से दूर रह जाते हैं। ऐसे बच्चों को चिन्हित कर स्कूलों में दाखिला दिलाने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
झुग्गी और ईंट-भट्टों में रहने वाले बच्चों पर खास नजर
अभियान के दौरान टीमों को झुग्गी-झोपड़ी इलाकों और ईंट-भट्टा क्षेत्रों में भेजा जाएगा। यहां रहने वाले बच्चों की स्थिति का आकलन किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह जाए।
बाल श्रम पर रोक और शिक्षा से जोड़ने की पहल
सरकार का मानना है कि बाल श्रम को खत्म करने और बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना बेहद जरूरी है। इसी के तहत अभियान में बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी जागरूक किया जाएगा ताकि वे शिक्षा के महत्व को समझ सकें।
कब से शुरू होगा अभियान?
यह विशेष अभियान 1 मई से पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इसमें शिक्षा विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों की भी भूमिका रहेगी |
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