भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी नेताओं या सांसदों द्वारा लगातार की जा रही टिप्पणियों पर भारत सरकार ने अब बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी डेमोक्रेट सांसद प्रमिला जयपाल (Pramila Jayapal) की भारत की मतदाता सूचियों पर की गई टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘अस्वीकार्य’ और ‘देश के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप’ करार दिया है।
क्या था पूरा विवाद और सांसद प्रमिला जयपाल का बयान?
अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की सदस्य प्रमिला जयपाल ने हाल ही में भारत में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने बुधवार को भारत में मसौदा मतदाता सूचियों से लाखों नाम हटाए जाने पर चिंता जताई थी। इसके साथ ही उन्होंने भारत में कथित तौर पर ‘लोकतंत्र-विरोधी प्रयासों’ का मुकाबला करने के लिए अहिंसक प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए आपत्तिजनक तुलना भी की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि यह अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की रणनीतियों जैसा प्रतीत होता है।
भारतीय राजदूत का दो-ूक जवाब: ‘भारत एक जीवंत और मजबूत लोकतंत्र’
अमेरिकी सांसद के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर दो-ूक जवाब दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट शब्दों में कहा:
“भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की सदस्य प्रमिला जयपाल की टिप्पणियां भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां मजबूत व स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं हैं और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों का गौरवशाली व लंबा इतिहास रहा है।”
इसके साथ ही, भारतीय राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सांसद जयपाल को इस विषय पर कोई गलतफहमी है, तो उसे दूर करने के लिए वह उनके साथ रचनात्मक बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले रखते हैं। कूटनीतिक हलकों में भारत के इस कड़े और स्पष्ट संदेश की काफी चर्चा हो रही है, जो यह साफ करता है कि भारत अपनी संप्रभुता और आंतरिक मामलों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
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