Strait of Hormuz Oil Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनाई जा रही रणनीति को बड़ा झटका लग सकता है। भारत के दो अहम तेल आपूर्तिकर्ता देश इराक और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब ऐसे वैकल्पिक इंतजामों पर तेजी से काम कर रहे हैं, जिनसे होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी संभावित संकट का असर तेल आपूर्ति पर कम से कम पड़े।
इराक ने बनाई बड़ी योजना, तुर्की के रास्ते बढ़ेगा तेल निर्यात
रिपोर्टों के मुताबिक इराक अपने तेल निर्यात नेटवर्क को मजबूत करने के लिए तुर्की के जरिए नई ऊर्जा गलियारा परियोजना पर काम तेज कर रहा है। इस योजना के पूरा होने के बाद इराक की तेल निर्यात क्षमता मौजूदा स्तर की तुलना में लगभग तीन गुना तक बढ़ सकती है। इससे देश को होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में किसी तरह का सैन्य या राजनीतिक तनाव बढ़ता है और होर्मुज मार्ग प्रभावित होता है, तब भी इराक वैकल्पिक मार्गों के जरिए वैश्विक बाजारों तक अपना तेल पहुंचाने में सक्षम रहेगा।
UAE भी तैयार कर रहा वैकल्पिक तेल कॉरिडोर
सिर्फ इराक ही नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात भी तेल परिवहन के लिए नए विकल्प विकसित कर रहा है। UAE एक नई पाइपलाइन परियोजना पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य तेल निर्यात को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाना है। यह परियोजना भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता को और कम कर सकती है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र के कई देश अब तेल आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाने के लिए वैकल्पिक मार्गों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखना है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में शामिल है और उसकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से पूरा होता है। इराक और UAE भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में यदि इन देशों के पास होर्मुज के अलावा भी मजबूत निर्यात विकल्प मौजूद रहते हैं, तो भारत को तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैकल्पिक पाइपलाइन नेटवर्क विकसित होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है और कीमतों में अचानक उछाल की आशंका भी घट सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजारों पर सीधा असर डालता है।
इराक और UAE की नई रणनीतियां संकेत दे रही हैं कि खाड़ी देशों ने भविष्य के संभावित जोखिमों को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक रास्तों पर गंभीरता से काम शुरू कर दिया है। यदि ये परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक पकड़ पहले की तुलना में कमजोर पड़ सकती है और वैश्विक तेल आपूर्ति अधिक सुरक्षित हो सकती है।
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