मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों के दावों से वैश्विक चिंता गहराई
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, जॉर्डन में तैनात अमेरिकी THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) मिसाइल रक्षा प्रणाली को हमला कर क्षतिग्रस्त या तबाह करने का दावा किया गया है। इसके अलावा कुवैत में मौजूद अमेरिकी ड्रोन ऑपरेशन से जुड़े ठिकाने को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
THAAD डिफेंस सिस्टम पर हमले का दावा
ईरान समर्थित सूत्रों के अनुसार, जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी THAAD एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला किया गया। दावा किया जा रहा है कि इस कार्रवाई में रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कुवैत में ड्रोन बेस भी बना निशाना
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कुवैत स्थित अमेरिकी ड्रोन संचालन केंद्र को भी हमले का लक्ष्य बनाया गया। यदि इन दावों की पुष्टि होती है तो यह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हाल के समय का सबसे गंभीर हमला माना जा सकता है। फिलहाल नुकसान और हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मिडिल ईस्ट में सुरक्षा स्थिति पर बढ़ी चिंता
इन हमलों के दावों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। क्षेत्र में पहले से जारी तनाव के बीच इस घटनाक्रम ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती हैं तो क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक संतुलन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल ईरान की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी रक्षा विभाग या संबंधित देशों की सरकारों की ओर से भी हमलों के प्रभाव और वास्तविक स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। ऐसे में घटनाक्रम पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है।
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