दोहा/नई दिल्ली। कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद भारत और कतर के बीच दशकों से चले आ रहे मजबूत रिश्तों की फिर से चर्चा तेज हो गई है। भारत सरकार ने उनके सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। यह फैसला दोनों देशों के बीच विकसित हुई गहरी रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने वर्ष 1995 से 2013 तक कतर का नेतृत्व किया। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, ऊर्जा और कूटनीतिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की। यही वह दौर था, जब भारत और कतर के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर व्यापार तथा भारतीय प्रवासी समुदाय तक कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत हुआ।
कतर को वैश्विक ऊर्जा महाशक्ति बनाने में निभाई अहम भूमिका
करीब दो दशक तक अमीर रहने के दौरान शेख हमद ने कतर को एक सीमित संसाधनों वाले खाड़ी देश से बदलकर दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यातकों में शामिल करा दिया। उनके नेतृत्व में कतर वैश्विक ऊर्जा बाजार का महत्वपूर्ण केंद्र बना और अंतरराष्ट्रीय निवेश तथा कूटनीति में भी उसकी प्रभावशाली पहचान स्थापित हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनके कार्यकाल में बनाई गई नीतियों ने कतर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और देश को वैश्विक मंच पर मजबूत स्थान दिलाया।
भारत-कतर रिश्तों को मिली नई मजबूती
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के शासनकाल में भारत और कतर के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रणनीतिक साझेदारी में बदल गए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हुआ और भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कतर एक प्रमुख साझेदार बनकर उभरा।
इसी अवधि में दीर्घकालिक LNG आपूर्ति समझौतों ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दी। इसके साथ ही व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर भी विकसित हुए, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और अधिक गहरे हुए।
लाखों भारतीयों के लिए बढ़े रोजगार और अवसर
कतर में रहने और काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए भी शेख हमद का कार्यकाल महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके शासन के दौरान भारतीय पेशेवरों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इससे भारतीय समुदाय कतर के विकास में अहम भागीदार बना और दोनों देशों के सामाजिक एवं आर्थिक संबंध और मजबूत हुए।
आज भी भारतीय समुदाय कतर की सबसे बड़ी प्रवासी आबादियों में शामिल है और दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी मजबूत जुड़ाव बना हुआ है।
राष्ट्रीय शोक से दिखी भारत की संवेदनशीलता
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार द्वारा एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा इस बात का संकेत है कि भारत उनके योगदान और भारत-कतर संबंधों को नई दिशा देने में निभाई गई उनकी भूमिका को विशेष सम्मान देता है। यह निर्णय दोनों देशों के बीच वर्षों से बने विश्वास और सहयोग की भावना को भी दर्शाता है।
कतर के विकास की नई पहचान बने शेख हमद
विश्लेषकों के अनुसार, शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का कार्यकाल आधुनिक कतर के निर्माण की नींव रखने वाला दौर माना जाता है। ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार, वैश्विक निवेश, क्षेत्रीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव बढ़ाने जैसी उपलब्धियों ने कतर को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। भारत के साथ उनके नेतृत्व में विकसित हुई रणनीतिक साझेदारी आज भी दोनों देशों के संबंधों का मजबूत आधार मानी जाती है।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया
