
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को डॉक्टर बताने वाला एक शख्स मेडिकल कैंप के नाम पर छात्राओं को अपने जाल में फंसा रहा था। शुरुआती जांच में इस पूरे मामले के तार एक संगठित धर्मांतरण रैकेट से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है।
मेडिकल कैंप बना जाल, छात्राओं को करता था टारगेट
जानकारी के अनुसार आरोपी युवक खुद को डॉक्टर बताकर मेडिकल कैंप आयोजित करता था। वह खासतौर पर छात्राओं को टारगेट करता और स्वास्थ्य जांच के बहाने उनसे नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश करता। धीरे-धीरे वह उन्हें अपनी बातों में उलझाकर निजी संपर्क स्थापित करता था। पुलिस को शक है कि यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा था।
पहचान पर उठे सवाल, जांच में हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ छात्राओं को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं है। वह फर्जी पहचान के सहारे लंबे समय से कैंपस में सक्रिय था। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
धर्मांतरण रैकेट से जुड़ाव की आशंका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के संपर्क कुछ संदिग्ध संगठनों से हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इस एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह पूरा नेटवर्क धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों में तो शामिल नहीं है। आरोपी के मोबाइल और दस्तावेजों की जांच जारी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद KGMU प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बाहरी लोगों के प्रवेश पर निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी प्रकार के कैंप या गतिविधि के लिए अब सख्त अनुमति प्रक्रिया लागू की गई है। छात्रों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
पुलिस कर रही गहन जांच
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
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