
लखनऊ में आयोजित भव्य दीक्षांत परेड ने उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। नौ महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 57 हजार से अधिक नवचयनित सिपाहियों ने पुलिस बल में औपचारिक रूप से कदम रखा। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावी आरक्षियों को सम्मानित किया, जबकि डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी को कर्तव्य और निष्ठा की शपथ दिलाई। समारोह में भावनाओं का सैलाब भी देखने को मिला, जब खासकर महिला आरक्षियों की आंखें अपने परिवारों के सामने नम हो गईं।
9 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद मिली वर्दी की जिम्मेदारी
लखनऊ पुलिस लाइंस में आयोजित इस दीक्षांत परेड में हजारों प्रशिक्षित सिपाहियों ने अनुशासन, समर्पण और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की। करीब 57 हजार नए सिपाहियों में 12 हजार से अधिक महिला आरक्षियां शामिल हैं, जो यूपी पुलिस में महिला सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर पेश करती हैं। यह भर्ती राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
सीएम के हाथों सम्मान, गर्व और भावनाओं का संगम
समारोह का सबसे भावुक पल तब आया जब उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सिपाहियों को मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार मिले। कई महिला आरक्षियों ने अपने माता-पिता को पुलिस कैप पहनाकर सम्मान दिया, तो कई परिवारों की आंखों में गर्व के आंसू साफ दिखाई दिए। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष और सपनों की जीत का क्षण था।
गाजीपुर की नेहा यादव बनीं समारोह की स्टार
इस परेड में गाजीपुर की नेहा यादव ने खास पहचान बनाई। उन्हें बेस्ट कंपनी कमांडर सहित तीन पुरस्कारों से नवाजा गया। जब सीएम योगी ने उन्हें सम्मानित किया, तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। नेहा की उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले को गर्व का अवसर दिया।
यूपी पुलिस को मिली नई ऊर्जा, सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
इतनी बड़ी संख्या में नए सिपाहियों की भर्ती से उत्तर प्रदेश पुलिस बल को नई ऊर्जा मिली है। इससे कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और तेजी आने की उम्मीद है। सरकार इसे प्रदेश की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है।
परिवारों के लिए गर्व का दिन, सपनों को मिला मुकाम
दीक्षांत परेड सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि हजारों परिवारों के लिए गर्व और खुशी का दिन बन गया। जिन बच्चों को कभी पढ़ाई और ट्रेनिंग के लिए संघर्ष करते देखा था, आज वही वर्दी में देश और प्रदेश की सेवा के लिए तैयार खड़े थे।
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