
काठमांडू से बड़ी राजनीतिक खबर: नेपाल में सरकार के लिए बढ़ी मुश्किलें:- नेपाल की राजनीति एक बार फिर बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार पर संकट के बादल लगातार गहराते जा रहे हैं। जहां एक तरफ कैबिनेट में इस्तीफों की झड़ी लगी है, वहीं दूसरी ओर संसद सत्र को भी अचानक निलंबित कर दिया गया है। इन घटनाओं ने पूरे देश की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंत्रियों के इस्तीफों से सरकार में हलचल:- सरकार में शामिल कम से कम दो मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि एक अन्य मंत्री को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। बताया जा रहा है कि गृहमंत्री के पद से हाल ही में इस्तीफा देने वाले सुदान गुरुंग पर एक व्यापारी के साथ कथित वित्तीय लेन-देन और निवेश संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने पद से हटने का फैसला किया।
संसद सत्र निलंबित, राष्ट्रपति का बड़ा फैसला:- देश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सरकार की सिफारिश पर संसद के दोनों सदनों के आगामी सत्र को निलंबित कर दिया है। यह सत्र 30 अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही इसे रोक दिया गया। सरकार ने इसके पीछे विशेष परिस्थितियों का हवाला दिया है।
विवाद और विरोध के बीच सरकार पर बढ़ता दबाव:- गौरतलब है कि इस्तीफा देने वाले मंत्री सुदान गुरुंग ने अपने कार्यकाल के दौरान कुछ विवादित फैसले भी लिए थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक के खिलाफ कार्रवाई तक करवाई थी, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया था। अब लगातार इस्तीफों और विरोध के बीच बालेन शाह सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
क्या बालेन शाह सरकार पूरा कर पाएगी कार्यकाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह के लिए यह समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। अगर उनकी सरकार स्थिर रहती है और कार्यकाल पूरा करती है, तो यह नेपाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय होगा। लेकिन मौजूदा हालात इसे बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।
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