
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ हाई लेवल बैठक बुलाई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही इस अहम बैठक में ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के भारत पर संभावित असर और उससे निपटने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
संकट पर ‘टीम इंडिया’ अप्रोच, राज्यों की तैयारियों की समीक्षा
इस अहम बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। बैठक के दौरान राज्यों की तैयारियों, जरूरी संसाधनों और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उनके मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाएगी।
लॉकडाउन की अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान
इस बीच, पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत में संभावित लॉकडाउन की खबरों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कहा कि देश में लॉकडाउन लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कोविड-19 जैसे हालात दोहराए जाने की आशंकाओं को पूरी तरह खारिज किया और इसे भ्रामक अफवाह बताया।
उनके साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इन दावों को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर बड़ी राहत
सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं होगी। वैश्विक हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि तेल कंपनियों को सहयोग और नीति स्तर पर फैसलों के जरिए घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखी जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती की चेतावनी
संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच सरकार ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। मंत्रियों ने कहा कि गलत जानकारी से जनता में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा होता है, इसलिए नागरिक केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
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