होर्मुज संकट का ‘स्थायी इलाज’! नेतन्याहू का बड़ा प्लान—नई पाइपलाइन से ईरान की पकड़ खत्म करने की तैयारी


तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर असर डालने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच इजरायल ने बड़ा रणनीतिक प्रस्ताव सामने रखा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि इस संकट का अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी समाधान जरूरी है। इसके लिए उन्होंने खाड़ी देशों से ऊर्जा सप्लाई का रास्ता बदलने की योजना पेश की है, जो ईरान के प्रभाव को पूरी तरह दरकिनार कर सकती है।

नई एनर्जी पाइपलाइन से बदलेगा खेल

तेल अवीव में दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने सुझाव दिया कि खाड़ी देशों के तेल और गैस को नई पाइपलाइनों के जरिए पश्चिम की ओर मोड़ा जाए। यह प्रस्ताव सऊदी अरब के रास्ते लाल सागर होते हुए भूमध्य सागर तक ऊर्जा पहुंचाने पर आधारित है।
इस रणनीति का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ को कमजोर करना और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाना है।

होर्मुज स्ट्रेट: दुनिया की ऊर्जा लाइफलाइन

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल तेल निर्यात का करीब 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। खाड़ी देशों—सऊदी अरब, यूएई और ओमान—से निकलने वाली ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग पर निर्भर है।
लेकिन इस जलडमरूमध्य के दूसरे छोर पर ईरान की मौजूदगी इसे बेहद संवेदनशील बना देती है, जिससे वैश्विक बाजार में लगातार अस्थिरता बनी रहती है।

ईरान पर गंभीर आरोप, ‘हथियार’ बना होर्मुज

नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया है। उनका कहना है कि तेहरान जानबूझकर ऊर्जा संकट पैदा कर वैश्विक दबाव बनाना चाहता है।
उन्होंने यह भी माना कि केवल सैन्य कार्रवाई से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है, क्योंकि इससे सिर्फ अस्थायी राहत ही मिल सकती है।


सैन्य नहीं, रणनीतिक समाधान पर जोर

इजरायली प्रधानमंत्री के मुताबिक, होर्मुज के महत्व को कम करना ही असली समाधान है। अगर ऊर्जा सप्लाई के वैकल्पिक रास्ते तैयार हो जाते हैं, तो इस जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत अपने आप खत्म हो जाएगी।
यही वजह है कि पाइपलाइन प्रोजेक्ट को दीर्घकालिक समाधान के तौर पर देखा जा रहा है।

ईरान-इजरायल युद्ध पर बड़ा दावा

नेतन्याहू ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर दावा किया कि यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और आधे से ज्यादा रास्ता तय कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि इजरायल की सेना ईरान की परमाणु क्षमताओं को खत्म करने पर फोकस कर रही है और उसकी मिसाइल ताकत को भी कमजोर किया जा चुका है।

कब खत्म होगा युद्ध? जवाब नहीं

हालांकि नेतन्याहू यह स्पष्ट नहीं कर सके कि यह संघर्ष कब तक चलेगा। उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इजरायल की प्राथमिकता है।

28 फरवरी से जारी है जंग

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष 28 फरवरी से जारी है। शुरुआती दौर में बड़े हमलों के बाद अब ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा डालकर उसने न केवल अमेरिका और इजरायल बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

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