नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष का असर भारत के पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है, लेकिन यह संकट तेल की कमी के कारण नहीं बल्कि ‘अफवाहों’ की वजह से है। पिछले दो दिनों में देशभर में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में 15% से ज्यादा का उछाल आया है, जिसे देखते हुए प्रमुख सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने मोर्चा संभाला है। कंपनी ने साफ किया है कि देश में ईंधन का भंडार पूरी तरह सुरक्षित है और लोगों को घबराकर तेल जमा करने की जरूरत नहीं है।
सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाह, पंपों पर लगी 50% ज्यादा भीड़
HPCL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि कुछ इलाकों में औसत दैनिक बिक्री की तुलना में मांग 50% से भी अधिक बढ़ गई है। पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) की वजह से रिटेल आउटलेट्स पर भारी भीड़ जमा हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को असुविधा हो रही है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि सभी आपूर्ति केंद्र और पेट्रोल पंप अपनी क्षमता से अधिक समय तक काम कर रहे हैं ताकि हर वाहन तक ईंधन पहुंच सके।
भारत में ‘ऊर्जा आपातकाल’ जैसी स्थिति नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय
पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी गुरुवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दुनिया के कई देश इस वक्त ईंधन की राशनिंग, मूल्य वृद्धि और ‘ऑड-ईवन’ जैसे प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं, लेकिन भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। मंत्रालय ने उन वीडियो और संदेशों का खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल पंप बंद होने वाले हैं। सरकार के मुताबिक, देश भर में 1 लाख से अधिक फ्यूल आउटलेट बिना किसी रुकावट के काम कर रहे हैं और किसी भी पंप को सप्लाई सीमित करने का आदेश नहीं दिया गया है।
तेल कंपनियों ने उठाया बड़ा कदम, डीलरों को दी राहत
पंपों पर तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों ने अपने वर्किंग मॉडल में बदलाव किया है। डिपो रात भर खुले रखे जा रहे हैं ताकि सप्लाई चेन न टूटे। इसके अलावा, पेट्रोल पंप डीलरों को पहले मिलने वाले 1 दिन के क्रेडिट (उधार) को बढ़ाकर 3 दिन कर दिया गया है। इसका मतलब है कि डीलरों के पास अब ज्यादा स्टॉक रखने की वित्तीय क्षमता होगी, जिससे अचानक बढ़ी मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।
सावधान! जानबूझकर फैलाई जा रही है गलत सूचना
सरकार और तेल कंपनियों ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक वीडियो पर यकीन न करें। यह पैनिक जानबूझकर फैलाई गई गलत सूचनाओं का नतीजा है। भारत के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्र और जमीन दोनों रास्तों से तेल की निर्बाध आपूर्ति बनी हुई है।
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