नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे से कब उड़ेगी पहली फ्लाइट? जानें जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी हर बड़ी बात

जेवर (गौतमबुद्ध नगर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भव्य उद्घाटन के बाद अब करोड़ों लोगों का इंतजार खत्म होने वाला है। जेवर की धरती पर बना यह हवाई अड्डा न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे एशिया के नागरिक उड्डयन मानचित्र पर एक नई इबारत लिखने को तैयार है। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट अपनी आधुनिक सुविधाओं और विशालकाय ढांचे के कारण चर्चा में है। लोग अब बेसब्री से जानना चाहते हैं कि यहां से पहली उड़ान कब शुरू होगी और दिल्ली से यहां पहुंचना कितना आसान होगा।

एशिया का सबसे बड़ा हब: कहां स्थित है यह ड्रीम प्रोजेक्ट?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे ‘जेवर एयरपोर्ट’ के नाम से भी जाना जाता है, गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में स्थित है। यह आधुनिक हवाई अड्डा यमुना एक्सप्रेसवे के बिल्कुल करीब बनाया गया है, जो नोएडा शहर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है। जब इस एयरपोर्ट के सभी चरण पूरे हो जाएंगे, तो यह अपनी क्षमता और विस्तार के मामले में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।

IGI से दूरी और सफर का समय: 1 घंटे में तय होगा रास्ता

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट और नोएडा एयरपोर्ट के बीच की दूरी लगभग 72 किलोमीटर है। यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए कैब या निजी वाहन से यह सफर 50 से 60 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। भविष्य की योजनाओं के अनुसार, दोनों एयरपोर्ट्स को डायरेक्ट मेट्रो लिंक और नमो भारत (RRTS) से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रा का समय और भी कम होकर लगभग 80 मिनट रह जाएगा।

पहली उड़ान और टिकट बुकिंग: अप्रैल-मई में शुरू होगा सफर

एयरपोर्ट पर फिलहाल टेस्टिंग का अंतिम चरण युद्ध स्तर पर चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते या मई की शुरुआत में यहां से पहली कमर्शियल उड़ान (First Commercial Flight) शुरू होने की प्रबल संभावना है। इंडिगो (IndiGo) और अकासा एयर (Akasa Air) जैसी प्रमुख एयरलाइंस जल्द ही अपना आधिकारिक शेड्यूल जारी कर सकती हैं, जिसके तुरंत बाद टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी।

इन शहरों के लिए भर सकेंगे उड़ान: पहले फेज का प्लान

शुरुआती चरण में नोएडा एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों (Domestic Routes) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, पहले फेज में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, वाराणसी और देहरादून जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी फ्लाइट्स उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव से बड़ी राहत मिलेगी।

दिल्ली से जेवर कैसे पहुंचें: यात्रा के आसान विकल्प

यदि आप दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट जाना चाहते हैं, तो कैब और टैक्सी के अलावा मेट्रो भी एक अच्छा विकल्प है। आप दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से नोएडा सेक्टर-51 स्टेशन पहुंच सकते हैं, वहां से एक्वा लाइन के जरिए परी चौक स्टेशन तक का सफर तय किया जा सकता है। परी चौक से जेवर के लिए सार्वजनिक परिवहन और शटल सेवाएं आसानी से उपलब्ध रहेंगी।

डिजिटल-फर्स्ट एयरपोर्ट: लंबी लाइनों और पेपरवर्क से मिलेगी मुक्ति

जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला ‘डिजिटल-फर्स्ट’ एयरपोर्ट है। यहां यात्रियों को चेक-इन के लिए लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी। ‘डिजीयात्रा’ (DigiYatra) के माध्यम से पेपरलेस एंट्री और बायोमेट्रिक स्कैनिंग की सुविधा मिलेगी। यह तकनीक इतनी तेज है कि आपको बोर्डिंग पास की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और आपकी पहचान आपके चेहरे से ही सुनिश्चित हो जाएगी।

यूपी, हरियाणा और राजस्थान को होगा बड़ा फायदा

इस एयरपोर्ट का लाभ सिर्फ दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहेगा। यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े होने के कारण आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे यूपी के शहरों के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान के लोगों को भी अब फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने की मजबूरी नहीं रहेगी।

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