लखनऊ में मेट्रो विस्तार को मिली तेज रफ्तार: 2030 तक चारबाग-वसंतकुंज कॉरिडोर पर दौड़ेगी मेट्रो, सीएम योगी सख्त—देरी बर्दाश्त नहीं

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ी और अहम प्रगति सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को वर्ष 2030 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही इस रूट पर मेट्रो संचालन शुरू करने की भी योजना तय कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही सभी मेट्रो परियोजनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय समयसीमा में हर प्रोजेक्ट पूरा हो, किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

चारबाग से वसंतकुंज तक नया कॉरिडोर बदलेगा शहर का नक्शा

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में लखनऊ में करीब 23 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क पर ट्रेनों का संचालन जारी है। प्रस्तावित चारबाग-वसंतकुंज कॉरिडोर शहर के ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम करेगा। खासतौर पर पुराने और पश्चिमी इलाकों को इससे बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।

कानपुर और आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा

बैठक में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट्स की प्रगति का भी जायजा लिया गया।

कानपुर में लगभग 32.4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर काम तेजी से जारी है, जिसमें करीब 15 किलोमीटर हिस्से पर मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है। शेष कार्य को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

वहीं आगरा में 29.4 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के तहत 6.5 किलोमीटर प्राथमिक सेक्शन पर मेट्रो चल रही है। बाकी हिस्से को जून 2026 तक पूरा करने की तैयारी है, जबकि दूसरे कॉरिडोर को 2027 तक पूरा करने की योजना बनाई गई है।

दूसरे फेज के लिए टेंडर प्रक्रिया में तेज प्रतिस्पर्धा

लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को लेकर भी तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। ठाकुरगंज से वसंतकुंज तक एलिवेटेड रूट और डिपो निर्माण के लिए 7 कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया है। इनमें से 5 कंपनियां केवल डिपो निर्माण में रुचि दिखा रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम दर देने वाली कंपनी को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन इसके साथ ही तकनीकी योग्यता और अनुभव को भी बराबर महत्व दिया जाएगा। एलिवेटेड स्टेशनों और डिपो के टेंडर फाइनल होते ही अंडरग्राउंड स्टेशनों और ट्रैक बिछाने के लिए अलग से निविदाएं जारी की जाएंगी।

मेट्रो को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेट्रो परियोजनाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मेट्रो स्टेशनों और उनके आसपास मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल स्पेस, फूड कोर्ट और ऑफिस कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएं।

इसके अलावा विज्ञापन, डिजिटल ब्रांडिंग और कमर्शियल गतिविधियों के जरिए राजस्व बढ़ाने की रणनीति अपनाने को कहा गया है, ताकि मेट्रो प्रोजेक्ट्स लंबे समय तक आत्मनिर्भर बने रहें।

लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर खास फोकस

यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है। मेट्रो स्टेशनों को सिटी बस, ई-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित ट्रांसपोर्ट सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को घर से स्टेशन और स्टेशन से गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी और यात्रा अनुभव और अधिक सुविधाजनक बनेगा।

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