
मुंद्रा (गुजरात)। वैश्विक समुद्री मार्गों के बीच स्थित रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बाद एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया। इस टैंकर के पहुंचने से देश में एलपीजी आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, यह खेप घरेलू गैस वितरण और औद्योगिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचा टैंकर
मिली जानकारी के अनुसार, एलपीजी से लदा टैंकर ‘शिवालिक’ अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित मुंद्रा पोर्ट पहुंचा। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति दुनिया भर में होती है।
मुंद्रा पोर्ट पर पूरी की गई आवश्यक प्रक्रियाएं
टैंकर के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने के बाद बंदरगाह प्राधिकरण की ओर से आवश्यक समुद्री और सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके बाद एलपीजी को उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, गैस की यह खेप देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी जाएगी, जिससे घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता और औद्योगिक उपयोग दोनों को बल मिलेगा।
ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि ऐसे टैंकरों के समय पर पहुंचने से एलपीजी सप्लाई चेन मजबूत रहती है। इससे घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है और उद्योगों को भी निरंतर गैस आपूर्ति मिलती रहती है। खास तौर पर बढ़ती मांग के बीच इस तरह की खेप का पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नजर
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर वैश्विक स्तर पर लगातार नजर रखी जाती है। ऐसे में टैंकर ‘शिवालिक’ का सुरक्षित रूप से भारत पहुंचना ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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