नई दिल्ली (डिजिटल डेस्क): डायबिटीज का नाम आते ही अक्सर लोगों के मन में ‘हाई शुगर’ का डर बैठ जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रक्त में शुगर का स्तर गिरना (लो शुगर) उससे कहीं ज्यादा जानलेवा साबित हो सकता है? चिकित्सा विज्ञान में इसे ‘हाइपोग्लाइसीमिया’ कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो हाई शुगर शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाता है, लेकिन लो शुगर चंद मिनटों में इंसान को मौत की दहलीज पर खड़ा कर सकता है। छोटी सी लापरवाही मस्तिष्क को स्थायी क्षति पहुँचा सकती है या अचानक बेहोशी और दौरे का कारण बन सकती है।
क्यों ‘लो शुगर’ को माना जाता है मेडिकल इमरजेंसी?
रक्त में मौजूद ग्लूकोज हमारे मस्तिष्क का मुख्य ईंधन है। जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर $70$ mg/dL से नीचे चला जाता है, तो मस्तिष्क तक पोषण पहुँचना बंद हो जाता है।
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खतरे की घंटी: यदि शुगर लेवल $40$–$50$ mg/dL के बीच पहुँच जाए, तो यह एक गंभीर ‘मेडिकल इमरजेंसी’ है।
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असर: इस स्थिति में मरीज अचानक बेहोश हो सकता है, उसे दौरे पड़ सकते हैं या वह कोमा में जा सकता है। ऐसे में बिना देरी किए अस्पताल पहुँचना अनिवार्य होता है।
आधुनिक जीवनशैली और वात दोष का असंतुलन
आज की ‘सिटिंग लाइफस्टाइल’ और खराब खान-पान डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण है। आयुर्वेद के अनुसार, लंबे समय तक भूखा रहना, अत्यधिक उपवास और मानसिक तनाव शरीर में ‘वात दोष’ को बढ़ा देते हैं। इससे ऊर्जा का असंतुलन पैदा होता है और रक्त में शुगर का स्तर अचानक गिर जाता है। हमारा शरीर कोई मशीन नहीं है, इसे निरंतर ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिसकी अनदेखी जानलेवा हो सकती है।
आयुर्वेद और विज्ञान का मेल: कैसे रखें शुगर को संतुलित?
लो शुगर की समस्या से बचने के लिए आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही छोटे-छोटे अंतराल पर भोजन (Small frequent meals) करने की सलाह देते हैं।
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मुलेठी और खजूर का जादू: अपनी डाइट में मुलेठी का हल्का काढ़ा, खजूर या किशमिश शामिल करें। ये प्राकृतिक चीजें शरीर में ग्लूकोज के स्तर को तुरंत स्थिर करने में मदद करती हैं।
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कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन: भोजन में केवल मीठा ही नहीं, बल्कि कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का सही संयोजन (जैसे दूध और दलिया) लें। यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है और मस्तिष्क को मजबूती प्रदान करता है।
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खाली पेट न रहें: लंबे समय तक भूखा रहना लो शुगर के मरीजों के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। हमेशा अपने पास कुछ हल्का मीठा या फल जरूर रखें।
लक्षणों को पहचानें और सतर्क रहें
यदि आपको अचानक पसीना आना, घबराहट, हाथ-पैर कांपना, धुंधला दिखना या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत अपना शुगर लेवल चेक करें। याद रखें, हाई शुगर को कंट्रोल करने के लिए आपके पास समय होता है, लेकिन लो शुगर में हर सेकंड कीमती होता है।
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