Jan Vishwas Act 2026: फार्मा और फूड इंडस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव, छोटी गलतियों पर नहीं होगी जेल, कारोबारियों को मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कारोबार को आसान बनाने और अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जन विश्वास अधिनियम, 2026 (Jan Vishwas Act 2026) के तहत स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू कर दिए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब दवा, कॉस्मेटिक और खाद्य क्षेत्र में होने वाली छोटी या तकनीकी त्रुटियों को आपराधिक अपराध नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में अदालत की बजाय प्रशासनिक स्तर पर जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले गंभीर मामलों में पहले की तरह सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

छोटी तकनीकी गलतियों पर नहीं होगी आपराधिक कार्रवाई

सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार अब दवा एवं कॉस्मेटिक क्षेत्र में रिकॉर्ड रखने में कमी, समय पर आवश्यक जानकारी जमा नहीं करना या कॉस्मेटिक उत्पादों की लेबलिंग में मामूली त्रुटियों जैसी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। पहले ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमा और जेल की संभावना रहती थी, लेकिन अब इन उल्लंघनों पर केवल प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा।

इस फैसले का उद्देश्य ईमानदारी से कारोबार करने वाले उद्योगों और व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से राहत देना है, ताकि वे बिना भय के अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।

नकली और मिलावटी दवाओं पर पहले जैसी सख्ती रहेगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल तकनीकी और प्रक्रियागत कमियों तक सीमित रहेगी। यदि कोई व्यक्ति नकली, मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए खतरनाक दवाओं अथवा कॉस्मेटिक उत्पादों का निर्माण, बिक्री या वितरण करता है, तो उसके खिलाफ पहले की तरह कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

साथ ही ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) और अपील की व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे मामलों का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी तरीके से किया जा सके।

फूड सेफ्टी कानून में भी किए गए अहम बदलाव

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act) के तहत भी कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब यदि कोई व्यक्ति फूड सेफ्टी अधिकारी के खिलाफ झूठी शिकायत करता है तो उसके मामले में अदालत जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में प्रशासनिक जुर्माने का प्रावधान लागू किया गया है।

इसके अलावा जब्त किए गए खाद्य पदार्थों के साथ छेड़छाड़ करने पर अधिकतम सजा को छह महीने से घटाकर तीन महीने कर दिया गया है। वहीं फूड सेफ्टी अधिकारी के कार्य में बाधा पहुंचाने से संबंधित अलग प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है, क्योंकि ऐसे मामलों को अब भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) के तहत कवर किया जाएगा।

कारोबार को आसान बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत किए गए ये बदलाव देश में कारोबार को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेश अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे ईमानदार उद्योगों और व्यापारियों को राहत मिलेगी, जबकि जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य प्रक्रियागत कमियों और गंभीर अपराधों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित कर नियामक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

Check Also

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के दो साल पूरे होने पर राहुल गांधी का बड़ा संदेश, बोले- हर भारतीय की आवाज़ सत्ता तक पहुंचाना ही मेरा संकल्प

राहुल गांधी ने दो साल का कार्यकाल बताया जनता की आवाज़ की लड़ाई नई दिल्ली। …