
नई दिल्ली: भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग को नई रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने भारत में रक्षा तकनीक और हाई-टेक इनोवेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से DRISHTI 2.0 कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए इजरायली रक्षा तकनीक से जुड़ी कंपनियों को भारतीय बाजार में प्रवेश करने, स्थानीय भागीदारों के साथ काम करने और अपने कारोबार का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम को इजरायल के रक्षा अनुसंधान एवं विकास निदेशालय (DDR&D) और हैदराबाद स्थित इनोवेशन एक्सेलरेटर T-Hub की साझेदारी में संचालित किया जाएगा।
क्या है DRISHTI 2.0 कार्यक्रम का उद्देश्य?
DRISHTI 2.0, Dual-use Robust India-Israel High-Tech Innovation (DRISHTI) पहल का दूसरा चरण है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और इजरायल के बीच रक्षा तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से इजरायली स्टार्टअप और रक्षा क्षेत्र की कंपनियां भारतीय उद्योगों के साथ मिलकर नई तकनीकों के विकास और व्यावसायिक विस्तार पर काम करेंगी।
भारतीय बाजार पर इजरायल की खास नजर
इजरायल भारत को रक्षा और हाई-टेक सेक्टर के लिहाज से सबसे संभावनाशील बाजारों में शामिल मानता है। इसी रणनीति के तहत वह भारत में अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। DRISHTI 2.0 के जरिए दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान और रक्षा क्षेत्र में निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रक्षा निर्यात बढ़ाने की रणनीति का अहम हिस्सा
इजरायल के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि DRISHTI 2.0 उसकी व्यापक रक्षा निर्यात रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंत्रालय के अनुसार, आधुनिक रक्षा तकनीक और उपकरणों का वैश्विक स्तर पर निर्यात न केवल इजरायल की रक्षा उद्योग को मजबूती देता है, बल्कि देश की सैन्य क्षमता और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत बनाने में मदद करता है।
DRISHTI VIP ट्रैक भी हुआ शुरू
इस कार्यक्रम के साथ DRISHTI VIP नाम से एक नया ट्रैक भी लॉन्च किया गया है। यह विशेष रूप से उन स्थापित कंपनियों के लिए तैयार किया गया है, जिनके पास पहले से विकसित और बाजार में उतारने के लिए तैयार तकनीकी समाधान मौजूद हैं। इस ट्रैक का उद्देश्य ऐसी कंपनियों को भारत में संभावित साझेदारों और निवेशकों से जोड़ना है ताकि रक्षा तकनीक का तेजी से व्यावसायीकरण किया जा सके।
भारत-इजरायल रक्षा संबंधों को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि DRISHTI 2.0 कार्यक्रम भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे रक्षा तकनीक, इनोवेशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की संभावना है। आने वाले समय में यह पहल दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बना सकती है।
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