
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी ड्रोन हमले में अपने चार सैनिकों के मारे जाने के बाद अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका ने दोबारा युद्धविराम का उल्लंघन किया तो तेहरान के पास जवाबी कार्रवाई करने का “वैध, निर्णायक और निश्चित अधिकार” होगा। इस बयान के बाद क्षेत्र में हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
IRGC का तीखा बयान, अमेरिका को दी सीधी चेतावनी
ईरान की सैन्य इकाई IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिकी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों और क्षेत्रीय स्थिरता के खिलाफ है। संगठन ने आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल है, जिसका जवाब देना ईरान का अधिकार है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि उनके सैनिकों की मौत बेकार नहीं जाएगी और हर हमले का उचित जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराने का किया दावा
तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को निशाना बनाकर मार गिराया है। ईरान के अनुसार यह ड्रोन उसके हवाई क्षेत्र के करीब संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था। हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है सैन्य तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ड्रोन हमला और उसके बाद आई चेतावनी हालात को और विस्फोटक बना सकती है। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में सैन्य टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वैश्विक समुदाय की नजरें घटनाक्रम पर टिकीं
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन पहले ही क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील कर चुके हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि अमेरिका ईरान के दावों और चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
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