
तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर जारी बयानबाजी के बीच तेहरान ने वॉशिंगटन को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरानी धरती पर सैन्य हस्तक्षेप करने की कोशिश की या न्यूक्लियर साइटों को निशाना बनाया तो इसका जवाब बेहद गंभीर होगा और इसका असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में दिखाई देगा।
पिछले करीब दो हफ्तों से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों को लेकर तेहरान में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर दिए गए सख्त बयानों के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया है।
ईरानी सेना प्रमुख ने दी अमेरिकी सेना को चेतावनी
ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने अमेरिकी सेना को चेताते हुए कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरानी जमीन पर उतरने की कोशिश करते हैं तो उन्हें कड़े जवाब का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी सैन्य दखल को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगा।
हातमी ने कहा कि ईरान के पास अपनी रक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं और किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना का मुकाबला करने के लिए सिर्फ ईरानी सेना ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में आम नागरिक भी तैयार हैं।
‘ईरानी जमीन पर कदम रखा तो लाखों लोगों का सामना करना पड़ेगा’
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अमीर हातमी ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान की जमीन पर कदम रखने की कोशिश की तो उसे लाखों लोगों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए उपलब्ध हर विकल्प का इस्तेमाल करेगा।
ईरानी सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और न्यूक्लियर साइटों को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाया जा रहा है।
परमाणु ठिकानों को लेकर बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। वॉशिंगटन कई बार तेहरान पर परमाणु गतिविधियों को लेकर सवाल उठा चुका है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
हालिया घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें दोनों देशों पर टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सैन्य टकराव बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
ईरान-अमेरिका के बीच टकराव से बढ़ा वैश्विक तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। अब नए बयान और सैन्य गतिविधियों ने इस तनाव को और गहरा कर दिया है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता खुलता है या फिर हालात सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ते हैं।
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