
Turkey Greece Tension: तुर्की को अमेरिकी F-35 फाइटर जेट मिलने की बढ़ती संभावना के बीच ग्रीस ने अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रीस अब इजरायल से ऐसी अत्याधुनिक मिसाइल और बम खरीदने की तैयारी कर रहा है, जिनका इस्तेमाल भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया था।
एथेंस/तेल अवीव: तुर्की और ग्रीस के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब फिर से तेज होती नजर आ रही है। अमेरिका की ओर से तुर्की को F-35 स्टील्थ फाइटर जेट देने की संभावनाओं के बीच ग्रीस ने अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए इजरायल का रुख किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रीस इजरायल से रैंपेज हवा से जमीन पर हमला करने वाली मिसाइल और स्पाइस (SPICE) प्रिसिजन गाइडेड बम खरीदने की तैयारी कर रहा है।
तुर्की को F-35 मिलने की खबर से ग्रीस अलर्ट
तुर्की लंबे समय से अमेरिका से F-35 फाइटर जेट हासिल करने की कोशिश कर रहा था। रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के बाद अमेरिका ने तुर्की को F-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया था। हालांकि, अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि तुर्की को F-35 फाइटर जेट देने पर विचार किया जा सकता है।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन लगातार अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि तुर्की अपने रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को किसी खाड़ी देश को सौंपने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है, ताकि F-35 सौदे का रास्ता साफ हो सके।
इजरायली हथियारों से F-35 का मुकाबला करेगा ग्रीस
तुर्की की संभावित F-35 क्षमता को देखते हुए ग्रीस ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया है। ग्रीस इजरायल से रैंपेज एयर-टू-सरफेस मिसाइल और स्पाइस बम लेने की योजना बना रहा है। इन हथियारों को ग्रीस अपने F-35 लड़ाकू विमानों के साथ इस्तेमाल करना चाहता है।
ग्रीस की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल और ग्रीस के बीच हथियार खरीद को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सितंबर में ग्रीस इन हथियारों का लाइव फायर टेस्ट भी करने की तैयारी कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने किया था इस्तेमाल
इजरायल की रैंपेज मिसाइल और स्पाइस बम भारत के लिए भी अहम साबित हुए हैं। भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन हथियारों का इस्तेमाल किया था। इनकी खासियत यह है कि ये लंबी दूरी से बेहद सटीक हमला करने में सक्षम माने जाते हैं।
रैंपेज मिसाइल को दुश्मन के ठिकानों, कमांड सेंटर और रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। वहीं स्पाइस बम अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम से लैस हैं, जिससे इनकी सटीकता काफी बढ़ जाती है।
ग्रीस और तुर्की के बीच बढ़ रही सैन्य प्रतिस्पर्धा
नाटो के सदस्य होने के बावजूद तुर्की और ग्रीस के बीच कई मुद्दों पर तनाव रहा है। दोनों देशों के बीच पूर्वी भूमध्य सागर, समुद्री सीमाओं और सैन्य ताकत को लेकर लंबे समय से खींचतान जारी है।अगर तुर्की को F-35 फाइटर जेट मिलते हैं और ग्रीस इजरायली हथियारों को अपनी वायुसेना में शामिल करता है, तो क्षेत्र में सैन्य संतुलन को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देश अपनी वायु क्षमता को मजबूत करने में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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