
दिल्ली में हुई पहली जॉइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक में खोज, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति
नई दिल्ली: भारत और फ्रांस ने क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। राजधानी दिल्ली में दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर पहली जॉइंट वर्किंग ग्रुप (Joint Working Group) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें खनिजों की खोज, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और मजबूत एवं टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक व्यापक बनाना रहा।
भारत दौरे पर रहे फ्रांस के वरिष्ठ प्रतिनिधि
फ्रांस के इंटरमिनिस्टीरियल डेलिगेट फॉर स्ट्रैटेजिक मिनरल्स एंड मेटल्स सप्लाई बेंजामिन गालेजो सोमवार और मंगलवार को भारत के दौरे पर रहे। उनके साथ फ्रांस के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान बीआरजीएम (BRGM) के एशिया क्षेत्रीय निदेशक ओलिवियर फ्रेजो भी मौजूद रहे।
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के खान मंत्रालय के नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के संयुक्त सचिव कदम संदीप वसंत और फ्रांस की ओर से बेंजामिन गालेजो ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर बढ़ेगा सहयोग
बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसमें खनिजों की खोज, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के जरिए दीर्घकालिक एवं भरोसेमंद सप्लाई चेन विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
दोनों देशों ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान की, जहां साझा हित मौजूद हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी कि भारत, फ्रांस और अन्य महत्वपूर्ण देशों में संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर आवश्यक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
BRGM और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया मिलकर करेंगे काम
बैठक में फ्रांस के भूवैज्ञानिक संस्थान BRGM और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। दोनों संस्थानों के बीच पहले से मौजूद सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
इस दौरान क्रिटिकल मिनरल्स की पूरी वैल्यू चेन को बेहतर तरीके से समझने और नई तकनीकों के विकास के लिए संयुक्त अनुसंधान एवं सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों को खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक रणनीतिक लाभ हासिल करने में मदद मिलेगी।
मैक्रों की भारत यात्रा के बाद सहयोग का अगला चरण
यह बैठक फरवरी 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर हुए संयुक्त घोषणा-पत्र (Joint Declaration) के बाद सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों देशों का लक्ष्य ऊर्जा परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिजों की सुरक्षित और स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
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