INDIA Bloc Meeting: आखिर दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक से दूर क्यों रही CM विजय की TVK? सामने आईं 5 बड़ी राजनीतिक वजहें

नई दिल्ली/चेन्नई: विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA Bloc की दिल्ली में आयोजित अहम बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कझगम (TVK) की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु में कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के कई सहयोगी दल विजय सरकार का समर्थन कर रहे हैं, इसके बावजूद TVK बैठक का हिस्सा नहीं बनी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर मुख्यमंत्री विजय ने इस बैठक से दूरी क्यों बनाई?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे केवल एक नहीं बल्कि कई रणनीतिक और राजनीतिक कारण हैं। आइए जानते हैं वे पांच प्रमुख वजहें, जिनकी चर्चा राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा हो रही है।

संसदीय प्रतिनिधित्व नहीं, इसलिए बैठक से दूरी?

विशेषज्ञों के अनुसार TVK के बैठक में शामिल नहीं होने का सबसे बड़ा कारण उसका राष्ट्रीय स्तर पर संसदीय प्रतिनिधित्व न होना हो सकता है। वर्तमान में पार्टी का लोकसभा और राज्यसभा में कोई सांसद नहीं है।

दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की यह बैठक मुख्य रूप से केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की संसदीय रणनीति, संसद के आगामी सत्र और राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रुख तय करने के लिए बुलाई गई थी। ऐसे में राष्ट्रीय संसद में प्रतिनिधित्व नहीं रखने वाली पार्टी की भूमिका सीमित मानी जा रही है।

अभी तक INDIA गठबंधन का औपचारिक हिस्सा नहीं बनी TVK

हालांकि तमिलनाडु में कांग्रेस और कुछ अन्य दल विजय सरकार का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन TVK अभी तक औपचारिक रूप से INDIA Bloc में शामिल नहीं हुई है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि तमिलनाडु में बनी मौजूदा सरकार स्थानीय परिस्थितियों और विधानसभा के त्रिशंकु जनादेश का परिणाम है। कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम और अन्य सहयोगी दलों का समर्थन राज्य की राजनीतिक मजबूरियों से जुड़ा हुआ है, जबकि INDIA गठबंधन राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक मंच है। इसी वजह से दोनों समीकरणों को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

DMK फैक्टर भी बना बड़ी वजह

तमिलनाडु की राजनीति में DMK और TVK के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला माना जा रहा है। DMK INDIA गठबंधन के प्रमुख और संस्थापक सहयोगी दलों में शामिल रही है।

राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार कांग्रेस के TVK के साथ जाने से DMK नेतृत्व पहले ही असहज माना जा रहा है। ऐसे में यदि TVK को INDIA गठबंधन की बैठक में प्रमुखता दी जाती, तो इससे DMK की नाराजगी और बढ़ सकती थी। विपक्षी एकजुटता के लिहाज से भी गठबंधन फिलहाल इस तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं दिखता।

राष्ट्रीय राजनीति में जल्दबाजी नहीं करना चाहती TVK

मुख्यमंत्री विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में खुद को एक स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया था। चुनाव के दौरान TVK ने कांग्रेस और DMK दोनों के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ी थी।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी अभी से राष्ट्रीय स्तर पर किसी बड़े गठबंधन का स्थायी हिस्सा बन जाती है, तो भविष्य में उसके राजनीतिक विकल्प सीमित हो सकते हैं। फिलहाल TVK मुद्दों के आधार पर अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखना चाहती है, ताकि भविष्य में उसके पास विभिन्न राजनीतिक संभावनाएं खुली रहें।

DMK के अंतिम रुख पर भी टिकी हैं नजरें

तमिलनाडु की राजनीति में DMK आज भी एक प्रभावशाली शक्ति है और TVK की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी मानी जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री विजय के लिए उसी गठबंधन की बैठक में शामिल होना, जिसमें DMK अहम भूमिका निभाती हो, राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण संदेश दे सकता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विजय की राजनीति खुद को पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के विकल्प के रूप में स्थापित करने पर आधारित रही है। यदि वह राष्ट्रीय स्तर पर DMK के साथ मंच साझा करते दिखाई देते हैं, तो उनके समर्थकों और मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। यही कारण है कि TVK फिलहाल बेहद संतुलित और सावधानीपूर्ण राजनीतिक रणनीति अपनाती नजर आ रही है।

क्या भविष्य में INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगी TVK?

फिलहाल TVK ने INDIA गठबंधन की बैठक से दूरी बनाए रखी है, लेकिन राजनीति में संभावनाओं के दरवाजे कभी पूरी तरह बंद नहीं होते। आने वाले समय में तमिलनाडु और राष्ट्रीय राजनीति की परिस्थितियां तय करेंगी कि मुख्यमंत्री विजय की पार्टी विपक्षी गठबंधन के और करीब आती है या अपनी स्वतंत्र राजनीतिक राह पर आगे बढ़ती है। फिलहाल इतना तय है कि दिल्ली की इस बैठक में TVK की गैरमौजूदगी ने तमिलनाडु की राजनीति को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

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