अहमदाबाद: श्रीलंका और भारत की सरजमीं पर पिछले एक महीने से जारी T20 World Cup 2026 का रोमांच अब अपने चरम पर है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले के लिए मंच सज चुका है। दोनों टीमें जीत के लिए जान लड़ाने को तैयार हैं, लेकिन इस महामुकाबले का असली ‘एक्स-फैक्टर’ पिच होने वाली है। मैच से पहले पिच को लेकर जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ दोनों कप्तानों की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं।
मिश्रित मिट्टी का कमाल: काली और लाल मिट्टी की जुगलबंदी
सूत्रों के मुताबिक, भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मुकाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम की सेंटर पिच पर खेला जाएगा। इस पिच की सबसे बड़ी खासियत (USP) यह है कि इसे काली और लाल, दोनों तरह की मिट्टी के मिश्रण से तैयार किया गया है। लाल मिट्टी जहां तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल (Bounce) प्रदान करती है, वहीं काली मिट्टी पिच को मजबूती देती है ताकि मैच के अंत तक पिच टूटे नहीं। यह मिश्रण पिच को बेहद संतुलित लेकिन चुनौतीपूर्ण बनाता है।
तेज गेंदबाजों की चांदी, वानखेड़े जैसा मिलेगा ‘पेस’
पिच के स्वभाव की बात करें तो यह बहुत हद तक मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की याद दिलाएगी। यहां तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद रहने वाली है। पेसरों को पिच से अच्छी गति और उछाल मिलने की उम्मीद है। स्पिनरों के लिए यहां टर्न तो बहुत ज्यादा नहीं होगा, लेकिन गेंद ‘ग्रिप’ जरूर होगी। इसका मतलब है कि गेंद टप्पा खाने के बाद थोड़ी रुक कर आएगी, जिससे बल्लेबाजों के लिए शॉट की टाइमिंग बिठाना, खासकर शुरुआती ओवरों में, आसान नहीं होगा।
लगभग नई है यह पिच: दक्षिण अफ्रीका ने गाड़े थे झंडे
दिलचस्प बात यह है कि वर्ल्ड कप 2026 के दौरान इस सेंटर पिच पर अब तक केवल एक ही मैच खेला गया है। 9 फरवरी को कनाडा और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इससे संकेत मिलता है कि अगर बल्लेबाज शुरुआती स्विंग और बाउंस को झेल लें, तो यहां रनों की बारिश हो सकती है। हालांकि, पिच के कम इस्तेमाल होने के कारण इसका असली व्यवहार अब भी एक रहस्य बना हुआ है।
200 पार जा सकता है स्कोर: बाद में बैटिंग होगी आसान
पिच के सख्त और टिकाऊ होने के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि फाइनल में 200 के आसपास का स्कोर देखने को मिल सकता है। जैसे-जैसे समय बीतेगा, पिच सेट होती जाएगी और बल्लेबाजी करना तुलनात्मक रूप से आसान होता जाएगा। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम ओस (Dew Factor) और पिच के मिजाज को ध्यान में रखते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकती है। घरेलू मैदान होने के नाते टीम इंडिया को इन परिस्थितियों का थोड़ा बेहतर अंदाजा जरूर होगा।
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