सात समंदर पार गयाना की संसद में गूंजी ‘हिंदी’: भारतीय मूल के मंत्री ने विपक्ष को ललकारा- ‘माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं चुनौती देता हूं’

जॉर्जटाउन (गयाना)। दक्षिण अमेरिका के छोटे से देश गयाना की नेशनल असेंबली में मंगलवार को कुछ ऐसा हुआ, जिसकी गूँज भारत तक सुनाई दे रही है। गयाना के कृषि राज्य मंत्री विकास रामकिसुन ने संसद के भीतर अंग्रेजी के बजाय शुद्ध हिंदी में विपक्ष को खुली चुनौती दे डाली। बजट 2026 पर चर्चा के दौरान जब एक विपक्षी सदस्य ने उनकी भाषाई योग्यता पर तंज कसा, तो मंत्री ने धाराप्रवाह हिंदी में जवाब देकर सबका मुंह बंद कर दिया।

‘बिना कागज देखे डिबेट को तैयार हूं’: रामकिसुन की दहाड़

संसद की कार्यवाही के दौरान विकास रामकिसुन ने विपक्ष के सदस्य को सीधे संबोधित करते हुए कहा, “आदरणीय सर, जिसे भी लगता है कि मैं हिंदी में नहीं बोल सकता, मैं उनसे हिंदी में डिबेट (बहस) करने की चुनौती देता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि वह किसी भी टीवी चैनल पर, किसी भी विषय पर और विपक्षी सदस्य द्वारा चुनी गई किसी भी जगह पर हिंदी में बहस करने के लिए तैयार हैं। सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने बिना किसी नोट्स या कागज की मदद लिए यह सब बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा।

गयाना में क्यों गूंजती है हिंदी और भोजपुरी?

गयाना की आधिकारिक भाषा भले ही अंग्रेजी हो, लेकिन वहां की मिट्टी में भारत की खुशबू रची-बसी है। इसके पीछे एक लंबा इतिहास है:

  • गिरमिटिया मजदूर: आज से करीब 200 साल पहले (1838 से 1917 के बीच) अंग्रेज लगभग 2.39 लाख भारतीय मजदूरों को गयाना लेकर गए थे।

  • यूपी-बिहार का कनेक्शन: ये मजदूर मुख्य रूप से आज के उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाकों से थे। वे अपने साथ अपनी संस्कृति, रामायण और भोजपुरी-हिंदी भाषा भी ले गए।

  • 40% आबादी: आज गयाना की कुल आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा भारतीय मूल (Indo-Guyanese) के लोगों का है। यही कारण है कि वहां के मंदिरों और घरों में आज भी हिंदी और भोजपुरी के शब्द सुनने को मिलते हैं।

पीएम मोदी ने भी किया था जिक्र

गयाना और भारत के सांस्कृतिक संबंधों की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गयाना के भारतीय प्रवासियों के संघर्ष और उनकी भाषाई विरासत का विशेष उल्लेख किया था। विकास रामकिसुन का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर ‘हिंदी के गौरव’ के रूप में खूब शेयर किया जा रहा है।


प्रमुख बिंदु (Quick Highlights):

  • कौन हैं: विकास रामकिसुन (कृषि राज्य मंत्री, गयाना)।

  • चुनौती: विपक्ष को किसी भी विषय पर हिंदी में बहस करने के लिए ललकारा।

  • प्रसंग: बजट 2026 संसदीय बहस के दौरान।

  • पृष्ठभूमि: गयाना में 40% आबादी भारतीय वंशजों की है।

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