
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा के विकास को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। ग्रेटर आगरा को अब ‘दूसरा नोएडा’ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ₹6466 करोड़ की लागत से 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश के अवसरों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
ग्रेटर आगरा में बसेंगे 10 नए सेक्टर
सरकार की योजना के तहत ग्रेटर आगरा में 10 नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इन सेक्टरों को आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ठीक उसी मॉडल पर जिस तरह नोएडा का विकास हुआ है। इन सेक्टरों में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
₹6466 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं में सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, आवास और शहरी सुविधाओं से जुड़े कई बड़े काम शामिल हैं। इन योजनाओं से न सिर्फ शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
निवेश और रोजगार का बनेगा हब
ग्रेटर आगरा को ‘दूसरा नोएडा’ बनाने की योजना के पीछे सरकार का मकसद इसे निवेश का बड़ा केंद्र बनाना है। बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के कारण यहां देश-विदेश की कंपनियों के निवेश की संभावना बढ़ेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।
पर्यटन और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
आगरा पहले से ही ताजमहल के कारण वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान रखता है। अब इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से पर्यटन के साथ-साथ उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर सुविधाओं से पर्यटकों का अनुभव और बेहतर होगा।
सरकार का विजन: स्मार्ट और विकसित शहर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रमुख शहरों को स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाना है। ग्रेटर आगरा परियोजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र आर्थिक और शहरी विकास का नया मॉडल बन सकता है।
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