
डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर प्रस्तावित बड़े सैन्य हमले को फिलहाल रोकने का आदेश दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की घटती उपलब्धता और मिडिल ईस्ट में तैनात सैनिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
वॉशिंगटन डीसी/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित बड़े सैन्य अभियान को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार को शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और कैबिनेट सदस्यों के साथ हुई अहम बैठक के बाद ट्रम्प ने अमेरिकी सेना को नए बड़े हमले की कार्रवाई फिलहाल स्थगित रखने का निर्देश दिया। इस फैसले के पीछे सैन्य संसाधनों की उपलब्धता और मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
शीर्ष अधिकारियों ने जताई सैन्य संसाधनों को लेकर चिंता
द न्यूयॉर्क टाइम्स और एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने ट्रम्प प्रशासन को आगाह किया कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का दायरा और बढ़ाया गया, तो मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों सहित अन्य एयर डिफेंस सिस्टम का भंडार गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी स्थिति भविष्य में अमेरिकी सुरक्षा रणनीति के लिए चुनौती बन सकती है।
जनरल डैन केन ने सुरक्षा जोखिमों की दी चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने भी बड़े स्तर पर सैन्य अभियान चलाने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि सैन्य कार्रवाई का विस्तार किया गया तो मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों के साथ-साथ सहयोगी देशों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण रहा कि प्रशासन ने फिलहाल बड़े सैन्य ऑपरेशन को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया।
1200 से अधिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें हो चुकी हैं इस्तेमाल
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अप्रैल के अंत तक अमेरिका 1200 से अधिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुका था। लगातार बढ़ते सैन्य अभियानों के कारण इन मिसाइलों के भंडार पर दबाव बढ़ा है, जिसे लेकर रक्षा अधिकारियों ने प्रशासन को सतर्क किया था। इसी पृष्ठभूमि में सैन्य कार्रवाई को सीमित रखने का निर्णय लिया गया।
हमला रोकने का फैसला अस्थायी या स्थायी, अभी नहीं है स्पष्ट
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल यह साफ नहीं है कि ईरान पर बड़े हमले को रोकने का फैसला केवल अस्थायी है या फिर इसे लंबे समय तक लागू रखा जाएगा। हालांकि, अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और आवश्यकता पड़ने पर बड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बनी रहेगी अमेरिका की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और मिडिल ईस्ट में बदलते हालात को देखते हुए अमेरिका आने वाले दिनों में अपनी सैन्य रणनीति की लगातार समीक्षा करेगा। यदि क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों में बदलाव होता है, तो सैन्य कार्रवाई को लेकर नए फैसले लिए जा सकते हैं।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया