देश की राजधानी Delhi में जनगणना 2026 अभियान का पहला चरण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। राजधानी में अगले 30 दिनों तक चलने वाला यह व्यापक सर्वे 14 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान सरकारी टीमें घर-घर पहुंचकर मकानों, परिवारों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाएंगी। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आने वाले वर्षों की सरकारी योजनाओं, बजट और विकास नीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
32 लाख मकानों का होगा सर्वे
राजधानी में इस बड़े अभियान को समय पर पूरा करने के लिए करीब 50 हजार सरकारी कर्मचारियों और प्रगणकों को तैनात किया गया है। सभी कर्मचारियों को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि सर्वे के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत सामने न आए। जनगणना टीमें दिल्ली नगर निगम के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लगभग 32 लाख मकानों का रिकॉर्ड तैयार करेंगी।
अधिकारियों के मुताबिक सर्वे के दौरान हर घर की स्थिति, उसमें रहने वाले परिवारों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं का डिजिटल रिकॉर्ड भी बनाया जाएगा। कर्मचारियों को निर्धारित फॉर्मेट में डेटा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बाद में विश्लेषण में आसानी हो सके।
घर-घर जाकर पूछे जाएंगे 33 अहम सवाल
जनगणना अभियान के तहत नागरिकों से कुल 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट, संपत्ति और अन्य घरेलू सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और उनका इस्तेमाल केवल सरकारी रिकॉर्ड एवं योजनाओं के लिए किया जाएगा।
सरकार ने लोगों से मांगा सहयोग
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना टीम को सही और पूरी जानकारी दें ताकि सर्वे सटीक तरीके से पूरा हो सके। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि देश की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर तैयार करने की प्रक्रिया है। इसी आधार पर भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और आवास जैसी योजनाओं का विस्तार तय किया जाता है।
दिल्ली के हर इलाके में पहुंचेगी टीम
उत्तर दिल्ली से लेकर दक्षिण दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और बाहरी इलाकों तक जनगणना टीमों की तैनाती की गई है। कई जगहों पर डिजिटल टैब और मोबाइल एप की मदद से डेटा एंट्री की जा रही है ताकि रिकॉर्ड तुरंत सरकारी सर्वर पर अपलोड हो सके। प्रशासन का दावा है कि इस बार प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा तेज और तकनीकी रूप से मजबूत बनाई गई है।
Census 2026 को लेकर क्यों अहम है यह अभियान?
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और बदलते शहरी ढांचे को समझने के लिए यह जनगणना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि राजधानी में किस इलाके में कितनी आबादी बढ़ रही है, किन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है और भविष्य में किन सेक्टरों में निवेश की जरूरत पड़ेगी।
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