काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। डूरंड लाइन पर ताजा झड़पों के बीच तालिबान ने पाकिस्तान को खुली चेतावनी दी है कि हवाई हमलों का जवाब “सैन्य तरीके” से दिया जाएगा। तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी कार्रवाई को “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि जवाब तय है, लेकिन उसकी प्रकृति “गोपनीय” रहेगी।
हवाई हमले के बाद भड़का विवाद
अफगान पक्ष का आरोप है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगान क्षेत्र में घुसकर एयर स्ट्राइक की, जिसके बाद से दोनों ओर से सीमा पर फायरिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। डूरंड लाइन के नांगरहार प्रांत के नाजयान और दूर बाबा जिलों में भी गोलीबारी की पुष्टि की गई है। तालिबान का कहना है कि अफगान सैनिकों पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार का दावा है कि तोरखम और तिराह इलाकों में तालिबानी लड़ाकों ने बिना उकसावे के गोलीबारी शुरू की। हालांकि अब तक किसी भी पक्ष ने हालिया झड़पों में हताहतों का आधिकारिक ब्योरा साझा नहीं किया है।
“सैन्य तरीके से देंगे जवाब”
तालिबान प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि हवाई हमले की सीधी जवाबी कार्रवाई अभी नहीं की गई है, लेकिन विकल्प खुले हैं। बयान में कहा गया कि पाकिस्तान को “करारा जवाब” दिया जाएगा। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने कूटनीतिक स्तर पर स्थिति संभालने की कोशिश की थी, लेकिन जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
17 मौतों का दावा, परिवारों की आपबीती
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हालिया हवाई हमले में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई। पीड़ित परिवारों ने दावा किया कि हमला उस वक्त हुआ जब लोग घरों में सो रहे थे। एक परिजन ने बताया कि वह मलबे के नीचे दबने से बाल-बाल बचीं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दीवार गिरने से दब गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान पर बार-बार हमलों के आरोप
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की ओर से अफगान क्षेत्र में कई बार हवाई हमले किए गए। पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी मेजर आदिल राजा ने सवाल उठाया कि 72 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी कथित आतंकियों के मारे जाने के सबूत सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। वहीं राजनीतिक विश्लेषक वैस नसेरी ने अफगान एयरस्पेस में घुसकर कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के खिलाफ बताया।
बताया जाता है कि बीते वर्षों में कम से कम सात बार अफगान नागरिक इलाकों में हवाई हमले हुए, जिनमें 70 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया गया है। मृतकों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की बताई जाती है।
भारत ने जताई आपत्ति, दुनिया खामोश
अफगानिस्तान में पाकिस्तानी कार्रवाई को लेकर कई देश चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन भारत ने खुले तौर पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो डूरंड लाइन एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव का केंद्र बन सकती है।
सीमा पर जारी फायरिंग, कड़े बयानों और सैन्य तैयारी के संकेतों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की रणनीति तय करेगी कि यह तनाव सीमित झड़पों तक रहता है या व्यापक संघर्ष का रूप लेता है।
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