
संभल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को संभल जिले को लगभग 550 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। इस दौरान वे कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। सरकार का फोकस संभल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नया स्वरूप देने के साथ-साथ जिले को प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर है।
24 कोसीय परिक्रमा मार्ग बनेगा सबसे बड़ी परियोजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम की सबसे अहम परियोजनाओं में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 52 किलोमीटर लंबा 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग शामिल है। यह मार्ग संभल के प्राचीन तीर्थ स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा। हर वर्ष हजारों-लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से परिक्रमा करते हैं, लेकिन अब तक उन्हें कच्चे और कठिन रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था। नई परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
तीर्थ स्थलों के विकास पर सरकार का विशेष जोर
सरकार पर्यटन विभाग और संबंधित योजनाओं के माध्यम से संभल के 68 प्राचीन तीर्थों में से प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों की शुरुआत भी करेगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना और जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
पुराने ऐलान को मिलेगा जमीन पर आकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगस्त 2025 में संभल दौरे के दौरान जिले के सभी प्रमुख तीर्थों और प्राचीन कूपों के विकास का संकल्प जताया था। इसके बाद कई स्थानों पर जीर्णोद्धार और विकास कार्य शुरू किए गए। अब एक बार फिर उनके दौरे के दौरान नई परियोजनाओं के शुभारंभ के साथ उस योजना को और गति मिलने जा रही है।
धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इन विकास परियोजनाओं से न केवल संभल की धार्मिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क, विकसित तीर्थ स्थल और आधुनिक सुविधाएं जिले को उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों की सूची में मजबूत स्थान दिलाने में सहायक हो सकती हैं।
विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ेगा संभल
करीब 550 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में बड़ी हिस्सेदारी धार्मिक एवं पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं की है। सरकार का उद्देश्य संभल की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है, ताकि आने वाले समय में जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो सके।
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