
नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके बेटे बॉबी देओल ने पहली बार खुलकर अपने दिल की बात कही है। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने पिता के जाने के बाद के खालीपन, पछतावे और परिवार के बदलते रिश्तों पर भावुक होकर चर्चा की। बॉबी ने स्वीकार किया कि इस गहरे दुख ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है और अब उनकी जिंदगी को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया है।
‘काश पापा के साथ और समय बिता पाता’—दिल का दर्द आया सामने
एक बातचीत में बॉबी देओल ने कहा कि उन्हें बार-बार इस बात का अफसोस होता है कि उन्होंने अपने पिता के साथ उतना समय नहीं बिताया, जितना बिताना चाहिए था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब उन्हें लगता है कि काश उन्होंने अपने पिता से और बातें की होतीं, उनसे और सीख ली होती।उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद अब वह अपने परिवार—पत्नी और बेटों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि अब उन्हें रिश्तों की असली अहमियत समझ में आ गई है।
‘शोहरत-दौलत सब बेकार, अगर अपने साथ न हों’
बॉबी देओल ने साफ कहा कि करियर की सफलता, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और रोल्स से कहीं ज्यादा जरूरी अपने लोग होते हैं। उन्होंने कहा कि आखिर में यही मायने रखता है कि आप अपने प्रियजनों के साथ कितना वक्त बिताते हैं।उन्होंने भावुक होकर बताया कि वह अक्सर सोशल मीडिया पर अपने पिता के पुराने वीडियो देखते हैं। उन पलों को याद करते हुए उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे धर्मेंद्र आज भी उनसे बात कर रहे हों। उन्होंने पिता को एक खुले दिल और स्नेह से भरे इंसान के रूप में याद किया।
परिवार के रिश्तों में आया बदलाव
पिता के निधन के बाद बॉबी देओल ने यह भी महसूस किया कि उनके बच्चों में अचानक परिपक्वता आ गई है। उन्होंने कहा कि अब पूरा परिवार जीवन के सतही पहलुओं से ऊपर उठकर रिश्तों और भावनाओं को ज्यादा महत्व दे रहा है।
दुख ने करीब लाया—ईशा और अहाना से बढ़ी नजदीकियां
बॉबी देओल ने बताया कि इस मुश्किल समय ने उन्हें अपनी सौतेली बहनों ईशा देओल और अहाना देओल के और करीब ला दिया है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने-अपने तरीके से इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहा है।उन्होंने माना कि कई बार दुख की वजह से लोग एक-दूसरे को गलत समझ बैठते हैं, लेकिन समय के साथ रिश्ते मजबूत होते जाते हैं। बॉबी के अनुसार, इस तरह का नुकसान परिवार को अंततः और ज्यादा जोड़ देता है।
दुख के बीच मिली नई सीख
बॉबी देओल ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि जीवन में रिश्तों की कीमत सबसे ज्यादा होती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अपने प्रियजनों के साथ समय बिताना कभी टालना नहीं चाहिए, क्योंकि बाद में यही बातें सबसे ज्यादा याद आती हैं।
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