
दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड के कथित STP घोटाला मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। अदालत ने जैन को 2 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया है। इस मामले में सत्येंद्र जैन पर कथित तौर पर अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
दिल्ली जल बोर्ड के STP घोटाला मामले में मिली राहत
सत्येंद्र जैन के खिलाफ दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP मामले में जांच चल रही है। इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी की गई थी। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत के सामने गिरफ्तारी के समय और जांच की प्रक्रिया को लेकर कई अहम दलीलें रखीं।
वकील ने गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल
सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने अदालत में दलील दी कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के करीब 27 महीने बाद जैन को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान जांच एजेंसी ने सत्येंद्र जैन को पूछताछ के लिए केवल एक बार बुलाया था।
वकील के मुताबिक, इसके बाद जब सत्येंद्र जैन को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया, उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की परिस्थितियों और जांच के दौरान हुई कार्रवाई को जमानत के पक्ष में प्रमुख आधार के तौर पर अदालत के सामने रखा।
2 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत
दलीलें सुनने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को जमानत देने का फैसला किया। अदालत ने 2 लाख रुपये के मुचलके पर उन्हें जमानत दी है। जैन पर दिल्ली जल बोर्ड के STP घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप हैं और मामले की जांच के बीच यह फैसला आम आदमी पार्टी के नेता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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