नई दिल्ली। देशभर के हजारों शिक्षकों और शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सर्वोच्च अदालत ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की समयसीमा को बढ़ाते हुए अब 31 अगस्त 2028 तक कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से उन शिक्षकों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है, जो लंबे समय से टीईटी योग्यता पूरी नहीं कर पाने के कारण नौकरी और भविष्य को लेकर चिंता में थे।
हजारों शिक्षकों को मिलेगा सीधा फायदा
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी। कई राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक नियुक्त किए गए थे, जिन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर TET परीक्षा पास करनी थी। समयसीमा खत्म होने के बाद उनकी नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन अब अदालत के फैसले ने उन्हें अतिरिक्त समय दे दिया है।
शिक्षा क्षेत्र में बढ़ेगी स्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता आएगी और स्कूलों में शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद मिलेगी। अदालत ने माना कि बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं और उन्हें अचानक बाहर करना शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
राज्यों को भी मिलेगी राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से राज्यों की सरकारों और शिक्षा विभागों को भी राहत मिलेगी। कई राज्यों में टीईटी अनिवार्यता को लेकर कानूनी विवाद चल रहे थे। अब नई समयसीमा तय होने के बाद भर्ती और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं में स्पष्टता आने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों में खुशी की लहर
फैसले के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों और शिक्षा संगठनों में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कर रहे हैं। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें अब तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा और वे बिना नौकरी खोने के डर के परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
क्या है TET और क्यों है जरूरी
टीईटी यानी Teacher Eligibility Test देशभर में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जरूरी पात्रता परीक्षा मानी जाती है। केंद्र और राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा को पास करना सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य माना जाता है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब उम्मीदवारों को 31 अगस्त 2028 तक यह योग्यता हासिल करनी होगी।
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