24 साल पुराने टकसाल कांड में बड़ा फैसला: बाहुबली धनंजय पर फायरिंग केस में अभय सिंह बरी, बोले- राजनीतिक कुंठा का शिकार बनाया गया

प्रयागराज। बहुचर्चित 24 साल पुराने टकसाल कांड से जुड़े बाहुबली धनंजय पर फायरिंग मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में आरोपी अभय सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। लंबे समय से चल रही इस कानूनी लड़ाई के बाद आए इस निर्णय ने एक बार फिर पुराने राजनीतिक और आपराधिक समीकरणों को चर्चा में ला दिया है।

क्या था पूरा मामला

साल 2000 के आसपास सामने आए इस टकसाल कांड में बाहुबली धनंजय पर फायरिंग की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में अभय सिंह का नाम सामने आया था और तभी से वह कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे। घटना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगे और राजनीतिक रंग भी चढ़ा।

अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला

लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा। पर्याप्त और ठोस साक्ष्य न मिलने के चलते अभय सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। इस फैसले के साथ ही करीब ढाई दशक पुराना यह मामला न्यायिक रूप से समाप्त हो गया।

अभय सिंह का बयान: राजनीतिक साजिश का आरोप

फैसले के बाद अभय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक कुंठा के चलते इस मामले में फंसाया गया था। उनका कहना है कि सच्चाई आखिरकार सामने आ गई और न्यायालय ने निष्पक्ष फैसला दिया। उन्होंने इस फैसले को सत्य की जीत बताया।

क्षेत्र में फिर गर्माई सियासत

इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विरोधी दलों और समर्थकों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इस निर्णय का असर आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

लंबे इंतजार के बाद मिला न्याय

करीब 24 साल तक चले इस मामले में फैसला आने के बाद इसे न्यायिक प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि राजनीति और आपराधिक गठजोड़ को लेकर भी चर्चा में रहा।

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