स्पेन सीमा पर प्रवासियों का बड़ा संकट: सिउटा में घुसने की कोशिश के दौरान 34 की मौत, 24 घंटे में 60 हजार लोगों ने किया प्रवेश का प्रयास

सिउटा (स्पेन): स्पेन के स्वायत्त शहर सिउटा (Ceuta) की सीमा पर बड़ी मानवीय त्रासदी सामने आई है। मोरक्को से बड़ी संख्या में अफ्रीकी प्रवासियों ने समुद्र और जमीनी रास्ते से स्पेन में प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान सीमा पर मची अफरा-तफरी और भगदड़ में कम से कम 34 प्रवासियों की मौत हो गई, जबकि स्पेन और मोरक्को के 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

समाचार एजेंसी AP के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 3 हजार प्रवासियों ने एक साथ सिउटा की सीमा पार करने का प्रयास किया। सीमा पर लगी सुरक्षा बाड़, पुलिस की घेराबंदी और संकरे रास्तों के कारण भारी भीड़ एक-दूसरे पर गिर पड़ी। कई लोगों की दम घुटने, भीड़ में दबने और समुद्र में डूबने से जान चली गई।

24 घंटे में 60 हजार लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश

स्पेनिश प्रशासन के मुताबिक, बीते 24 घंटे के भीतर करीब 60 हजार लोग मोरक्को की ओर से तैरकर या पैदल सिउटा पहुंचने की कोशिश कर चुके हैं। यह संख्या शहर की कुल आबादी का लगभग 70 प्रतिशत बताई जा रही है। अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से सीमा सुरक्षा और राहत व्यवस्था दोनों पर भारी दबाव बन गया।

सिउटा क्यों बना यूरोप पहुंचने का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार?

सिउटा भौगोलिक रूप से अफ्रीका महाद्वीप में स्थित है, लेकिन यह स्पेन का हिस्सा होने के साथ-साथ यूरोपीय संघ (EU) के अधिकार क्षेत्र में आता है। यही वजह है कि जैसे ही कोई व्यक्ति सिउटा की सीमा में प्रवेश करता है, वह यूरोप की कानूनी सीमा में पहुंच जाता है।

मोरक्को और सिउटा के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबी ऊंची सुरक्षा बाड़ बनाई गई है। इसके बावजूद कई प्रवासी दीवार फांदने, उसे काटने या समुद्र के रास्ते तैरकर सीमा पार करने की कोशिश करते हैं। समुद्री क्षेत्र की पूरी निगरानी करना कठिन होने के कारण यह मार्ग कई लोगों के लिए विकल्प बन जाता है।

आखिर क्यों यूरोप पहुंचना चाहते हैं हजारों प्रवासी?

अफ्रीका और एशिया के कई देशों में गरीबी, बेरोजगारी, राजनीतिक अस्थिरता, हिंसा, युद्ध और भुखमरी जैसी गंभीर समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में लोग बेहतर जीवन की तलाश में यूरोप का रुख करते हैं।

समुद्र के लंबे और जोखिम भरे सफर की तुलना में मोरक्को के रास्ते सिउटा पहुंचना अपेक्षाकृत छोटा और आसान माना जाता है। इसी कारण बड़ी संख्या में प्रवासी इस मार्ग को चुनते हैं, भले ही इसमें जान का जोखिम बना रहता हो।

स्पेन पहुंचने के बाद क्या होता है?

अंतरराष्ट्रीय मानवीय नियमों के तहत यदि कोई प्रवासी स्पेन की सीमा में प्रवेश कर लेता है, तो उसे तुरंत वापस भेजना संभव नहीं होता। ऐसे लोगों को पहले अस्थायी राहत शिविरों में रखा जाता है, जहां वे शरण (Asylum) के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ मामलों में उन्हें स्पेन के मुख्य भूभाग (Mainland Spain) भेजा जाता है। इसके बाद यूरोप के शेंगेन क्षेत्र के कई देशों—जैसे फ्रांस, जर्मनी, इटली, बेल्जियम और नीदरलैंड—तक पहुंचने की संभावना भी बढ़ जाती है।

सीमा सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

सिउटा में एक साथ हजारों प्रवासियों के पहुंचने की घटना ने स्पेन और यूरोपीय संघ के सामने सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवासन और मानवीय सहायता से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अफ्रीकी देशों में आर्थिक और सामाजिक संकट बना रहा, तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

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